फर्रुखाबाद। किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी महेंद्र सिंह ने दोषी को तीन वर्ष की कैद सुनाई है। बीस हजार रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है। न जमा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने गांव के युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया 25 जुलाई 2014 को 15 वर्षीय पुत्री दरवाजे के बाहर लगे हैंडपंप पर पानी भरने के लिए गई थी।
वहां बाल्टी रखकर गांव की एक युवती के साथ उसके घर चली गई। वहां पर गांव का युवक भी मौजूद था। पुत्री शाम को सात बजे घर आई और उसकी तबीयत खराब हो गई। पुुत्री को अस्पताल लेकर गए जहां उसकी मौत हो गई।
ग्रामीण ने आरोप लगाया कि पुत्री से युवक ने छेड़छाड़ की। इससे तंग आकर पुत्री ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। विवेचक ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर गांव के विक्रांत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की।
गुरुवार को न्यायाधीश ने आरोपी विक्रांत को दोषी करार देकर तीन वर्ष की सजा सुनाई। उन्होंने दोषी को बीस हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।