आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनाने में स्वास्थ्य विभाग लचर रवैया अपनाए है। इसका फायदा फर्जीवाड़ा करने वाले उठा रहे हैं। शुक्रवार को गांव घाटमपुर में महिलाएं आयुष्मान कार्ड को फर्जी बताकर फेमिली हेल्पलाइन कार्ड बना रही थीं। कुछ जानकारों ने तीन महिलाओं को पकड़कर पुलिस को सूचना दे दी। इससे उन्हें थाने में बैठा लिया गया है।
क्षेत्र के गांव घाटमपुर में महिलाएं लोगों को आयुष्मान कार्ड फर्जी बताकर फैमिली हेल्पलाइन कार्ड बना रही थीं। इसमें मनमाने रुपये भी वसूले गए। महिलाओं का कहना था कि आयुष्मान कार्ड पर लोगों को इलाज की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसलिए यह कार्ड बनाए जा रहे हैं। भोलेभाले ग्रामीण बहकावे में आकर खासी कीमत भी चुकाते दिखे।
जहानगंज के जन सेवा केंद्र संचालक सत्येंद्र को जानकारी होने पर वह गांव पहुंचे और महिलाओं को पकड़कर पूछताछ की। महिलाओं ने बताया की आयुष्मान कार्ड बेकार हैं, उनके बनाए कार्ड ही मान्य हैं। इस पर सत्येंद्र ने प्रधान अजय कोतवाल को बुला लिया। प्रधान ने कहा कि उनके गांव में भी कार्ड बनाए गए। महिलाओं को थाने लाकर पुलिस को सौंप दिया गया। हालांकि महिलाएं खुद को छुड़ाने के लिए पैरवी में फोन करती रहीं।
सत्येंद्र ने सीएमओ ऑफिस में तैनात आयुष्मान योजना के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर डा.अमित मिश्रा से एसआई दलवीर सिंह की बात कराई। इस पर डा.अमित मिश्रा ने सीएमओ को मामले से अवगत कराया।
सीएमओ डा.चंद्रशेखर ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा.दलवीर सिंह को मौके पर भेजा है। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। थानाध्यक्ष पूनम जादौन ने बताया कि महिलाओं से पूछताछ की जा रही है।