फर्रुखाबाद। दो युवकों का अपहरण कर एक लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले तीन बदमाशों को कोर्ट ने सात वर्ष की सजा सुनाई है। तीनों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए हैं।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव मेदपुर निवासी लल्लूसिंह 12 अक्तूबर 1991 के पुत्र रमेश व गांव जिजौटा निवासी गजेंद्र के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से रस्तोगी कोल्ड स्टोरेज फर्रुखाबाद से आलू निकालकर गांव जा रहे थे।
गांव के पास छह से अधिक बदमाशों ने ट्रैक्टर टॉली रोककर पुत्र रमेश व गजेंद्र का अपहरण कर लिया। दूसरे दिन रमेश के हाथ की लिखी चिट्ठी लल्लू सिंह को दरवाजे पर मिली।
चिट्ठी में रमेश व गजेंद्र को छोड़ने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई थी।
रुपये न देने पर दोनों की हत्या करने की धमकी दी गई। थाना पुलिस ने गंगा की कटरी में 14 अक्तूबर को मुठभेड़ में जनपद कासगंज थाना पटियाली के गांव गोहटिया निवासी बदमाश महताब सिंह, वेदपाल, कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव अताईपुर निवासी मोहरपाल, जनपद एटा थाना जैथरा के गांव बिबना निवासी वीरेंद्र व अनिल कुमार उर्फ पप्पू को पकड़ लिया।
पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर अपहृत रमेश व गजेंद्र को बरामद कर लिया।
लल्लू सहिं की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
वीरेंद्र की फाइल मुकदमे से अलग कर दी गई। 33 वर्ष बाद एंटी डकैती न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने महताब, मोहरपाल, वेदपाल को दोषी करार देकर सात वर्ष सश्रम करावास की सजा सुनाई।
जुर्माने की साठ प्रतिशत धनराशि रमेश व गजेंद्र को बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए। जुर्माने की धनराशि न जमा करने पर तीनों को चार माह का अतिरिक्त करावास भोगना होगा।