फर्रुखाबाद। गैर इरादतन हत्या के प्रयास में दो भाइयों दिलशाद और जकी सहित तीन को 16 वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने दोषी ठहराया।
दोषी को तीन साल कैद की सजा सुनाई। 13-13 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास भोगना का प्रावधान किया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के छोटी गढ़ी जमा खां निवासी कदीर अंसारी ने दो भाइयों सहित तीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 18 जनवरी 2009 को उनके किरायेदार मोहम्मद हनीफ ने उन्हें बताया था कि नूरुल निशा ने दीवार तोड़कर उनकी तरफ दरवाजा खोल लिया है। उसने मौके पर पहुंचकर बातचीत की।
जब उसने दीवार पर ईंट रखने की कोशिश की तो नूरुल निशा, दिलशाद और जकी (दोनों भाई) लाठी-डंडा लेकर आ गए। मारपीट के दौरान नूरुल निशा ने उसके सिर पर ईंट मार दी। इससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। पुलिस ने जकी अहमद, नूरुल निशा व दिलशाद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए तीनों को दोषी ठहराया।