फर्रुखाबाद। सदर तहसील में फर्जी आधार कार्ड से बैनामा कराते समय सब रजिस्ट्रार ने मामला पकड़ लिया। उन्होंने मऊदरवाजा पुलिस को सूचना देकर क्रेता, विक्रेता और एक अधिवक्ता के कर्मचारी को पकड़वा दिया। इसके बाद कई अधिवक्ता थाने पहुंच गए। सब रजिस्ट्रार की ओर से कोई लिखित तहरीर न मिलने पर पुलिस ने हिरासत में बैठे तीनों आरोपियों को सुपुर्दगी में दे दिया।
सोमवार दोपहर करीब कमालगंज के गांव सबलपुर, रजीपुर निवासी क्रेता और विक्रेता ग्वालटोली निवासी अधिवक्ता का काम करने वाला युवक दो बिस्वा प्लाट का बैनामा कराने पहुंचे। कागजातों की जांच के बाद जब एक युवक के आधार कार्ड का सत्यापन चल रहा था, उसी समय फर्जीवाड़ा समझ में आ गया। अंगूठा लगाने वाले युवक का वह आधार कार्ड नहीं था। फर्जी तरीके से दूसरा फोटो लगाकर उसे बनाया गया था। रजिस्ट्री दफ्तर में मौजूद गार्ड की मदद से तीनों को रजिस्ट्रार के सामने पेश किया गया। उन्होंने पूछताछ के बाद मऊदरवाजा थाना पुलिस को सूचना दी।
थानाध्यक्ष अजब सिंह पुलिस बल के साथ रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचे और तीनों को थाने ले आए। शाम को सदर तहसील के कई अधिवक्ता और आरोपियों के परिजन भी थाने पहुंच गए। उन्होंने मानवीय भूल बताकर मामला रफादफा करवा दिया। रजिस्ट्रार रविकांत ने बताया कि तीन संदिग्ध लोगों को पुलिस के हवाले किया गया है। असली आधार कार्ड मंगवाया गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि सब रजिस्ट्रार ने तहरीर नहीं दी। हिरासत में बैठे तीनों को परिजनों और साथियों के सुपुर्द किया गया है।