आग से जले घरेलू सामान को देखते ग्रामीण व चेयरमैन
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संदिग्ध परिस्थितियों में तीन घरों में पड़े छप्परों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से घरेलू सामान और नकदी जलकर राख हो गई। गांव के लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। नगर पंचायत अध्यक्ष ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को गर्म कपड़े और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की।
गांव खानपुर निवासी मनीराम के घर में छप्पर पड़ा हुआ है। शुक्रवार दोपहर अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में इनके छप्पर में आग लग गई, जिससे वह धूं-धूं कर जलने लगे। आग ने पड़ोसी हंसराम और मीना के घरों में पड़े छप्परों में भी आग लग गई। तीन घरों में पड़े छप्परोें में आग लगने से गांव में हड़कंप मच गया।
तीनों घरों के परिजनों ने गांव के लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाने के लिए पानी डालना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मनीराम ने बताया कि आग की चपेट में आने से उसके घर में रखे 15000 रुपये, जेवर व घरेलू सामान जल गया। घर के बाहर परचूनी का सामान बिक्री के लिए खोखा रखा हुआ था।
वह भी जलकर राख हो गया। हंसराम ने बताया कि आग की चपेट में आने से घर में रखे 20 हजार रुपये, घरेलू सामान, बेवा मीना ने बताया कि उसके घर में रखे 35 हजार रुपये और घरेलू सामान जल गया है। जानकारी मिलने पर चेयरमैन विजय गुप्ता समर्थकों के साथ गांव पहुंचे और अग्निपीड़ितों को गर्म कपड़े और खाने की सामग्री उपलब्ध कराई।
घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार गजेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। तहसीलदार ने बताया कि वह दैवीय आपदा से क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को देंगे। पीड़ितों ने बताया कि घरेलू खर्चे के लिए कई दिनों से बैंक में लाइन लगकर रुपये एकत्र किए थे ताकि इमरजेंसी में वह काम आ सकें।