शमसाबाद। बारिश व हवा के चलते बीती रात ब्लॉक शमसाबाद क्षेत्र के गांव समसपुर में नीम का पेड़ व तीन बिजली के पोल टूटकर सड़क पर गिर पड़े। इससे रोशनाबाद-बेलासराय रोड पर आवागमन रात भर बंद रहा। खेतों से गुजर रहे ट्रैक्टर मिट्टी में धंस गए, जो रविवार सुबह जेसीबी से निकाले गए। पोल टूटने से चिलसरा द्वितीय फीडर कुछ देर बंद रहा। हालांकि समसपुर गांव की आपूर्ति 23 बाद बाद चालू की जा सकी। समाचार लिखे जाने तक पोल व नीम का पेड़ न हटने से आवागमन बंद था।
शनिवार रात करीब आठ बजे बरसात व हवा चलने से रोशनाबाद-रमापुर जसू के बीच समसपुर गांव के सामने नीम का पेड़ व हाईटेंशन लाइन के तीन बिजली के पोल टूटकर सड़क पर गिर पड़े। सूचना मिलने पर हुसैनपुर तराई उपकेंद्र का चिलसरा द्वितीय फीडर बंद कर दिया गया। बिजली कर्मचारियों ने मौके पर जाकर लाइनों को ठीक करना शुरू किया। चिलसरा द्वितीय फीडर तो कुछ देर बाद चालू कर दिया गया, लेकिन समसपुर गांव की आपूर्ति काट दी गई। सड़क पर पेड़ व पोल गिरे होने के चलते रोशनाबाद-बेला सराय रोड बंद हो गया।
रोशनाबाद से रामपुर व समसपुर गांव जाने वाले ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर खेतों के बीच कच्चे रास्ते से निकलने के लिए मजबूर हुए। इस दौरान हुसैनपुर निवासी बबलू और फरीदपुर मंगलीपुर निवासी वीरेंद्र कुमार के ट्रैक्टर मिट्टी में धंस गए। काफी प्रयास के बाद ट्रैक्टर न निकलने पर ग्रामीण छोड़कर घर चले गए। रविवार सुबह जेसीबी से ट्रैक्टरों को निकलवाया गया। पेड़ व पोल सड़क से न हटाए जाने के चलते रविवार रात साढ़े सात बजे तक रोशनाबाद-बेला सराय रोड पर आवागमन बंद था।
जेई जुनैद आलम ने बताया कि रात में पोल व पेड़ गिरने से कुछ देर के लिए चिलसरा द्वितीय फीडर बंद किया गया था। समसपुर गांव तक जाने वाली लाइन बाद में ठीक करवाकर सायं सात बजे आपूर्ति चालू करवा दी गई। हाइड्रा न मिलने के चलते बिजली के खंभे सड़क से नहीं हटाए जा सके, जिससे आवागमन बंद है। हाइड्रा आते ही खंभे हटवाने का काम शुरू किया जाएगा।