जहानगंज/शमसाबाद। बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शमसाबाद क्षेत्र में महिला सहित दो व जहानगंज में एक युवती की मौत हो गई है। जहानगंज में 50 से अधिक लोग बुखार की चपेट में बताए जाते हैं। इसकी जानकारी होने पर विधायक व बीडीओ ने गांव पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने विधायक से पैथोलॉजी संचालकों पर डेंगू का भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की।
जहानगंज निवासी इरफान की पुत्री शबनम (20) को चार दिन पहले बुखार आया था। गांव में ही उसका इलाज कराया गया पर हालत नहीं सुधरी। परिजन बुधवार शाम को शबनम को फर्रुखाबाद शहर लेकर जा रहे थे। तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे पहले गांव के रामदीन जाटव की 13 वर्षीय पुत्र सुमित की बुुखार के चलते 13 अक्तूबर को मौत हो गई थी। उसकी बहन सुशीला (11) भी बुखार से पीड़ित है। इसके अलावा के गांव के सुरेश वर्मा की बेटी रुचि (15) का इलाज फतेहगढ़ के निजी अस्पताल में चल रहा है। गांव के संजीव लोचन, अनिरुद्ध की 14 वर्षीय बेटी वसुंधरा भी बुखार की चपेट में है।
उधर शमसाबाद के गांव सुल्तानपुर निवासी महेंद्र सिंह अपने बच्चों के साथ कस्बा के मोहल्ला चौखंडा में रहते हैं। उनकी पत्नी हेमा (35)को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। परिजनों ने उन्हें फर्रुखाबाद के निजी अस्तपाल में भर्ती कराया, हालत में सुधार न होने पर बुधवार को कानपुर ले गए। वहां रात को निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हेमा के तीन बच्चे हैं। इसके अलावा शमसाबाद क्षेत्र के ही गांव सिकंदरपुर निवासी श्यामवीर(32) पुत्र सुखवारी लाल को छह दिन पूर्व बुखार आया था। फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे आगरा ले गए थे। वहां बुधवार रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दोनों ही मौतें डेंगू से होने से आशंका जताई गई है।