फर्रुखाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने वर्ष 2017 के छेड़छाड़ एवं एससी-एसटी एक्ट मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोष सिद्ध होने के बाद आरोपियों की जमानत निरस्त करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। सजा के बिंदु पर सुनवाई 26 मई को होगी।
कोतवाली कायमगंज के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत कर बताया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री 5 अप्रैल 2017 को साइकिल से समोसे लेने गई थी। गांव के फैसल ने उसका साइकिल से पीछा किया और पुत्री की साइकिल छुपा दी। विरोध करने पर उसने अपने साथियों माजिद उर्फ सामिर और लला उर्फ लंगड़ा उर्फ अब्दुल रहमान को बुला लिया। तीनों आरोपी किशोरी को बाग की ओर खींच ले गए और अश्लील हरकतें करने लगे। शोर मचाने पर एक व्यक्ति को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने प्राथमिक की दर्ज कर जांच की। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया।