केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने की व्यवस्था है। जिम्मेदारों के रुचि न लेने से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस पर अमर उजाला ने गत माह अभियान के तहत समाचार प्रकाशित किए। इनका डीएम ने संज्ञान लिया।
अब जिले की तीन सीएचसी आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध हो गईं हैं, जबकि चार को शासन की मंजूरी का इंतजार है। इन अस्पतालों में आयुष्मान मित्रों की तैनाती के साथ अलग कक्ष बनाकर कार्डधारकों को मुफ्त व बेहतर इलाज की सुविधा दी जाएगी।
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के तहत जिले में मात्र तीन अस्पताल ही शामिल थे। इनमें लोहिया पुरुष व महिला अस्पताल के अलावा लिंजीगंज अस्पताल में ही गोल्डन कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा थी। 17 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘सरकारी अस्पतालों में परवान नहीं चढ़ पा रही योजना’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसमें जिले में नौ सीएचसी व 27 पीएचसी का जिक्र करते हुए इन्हें योजना में शामिल न किए जाने का जिक्र किया था।
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने खबर का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य समिति की बैठक में अन्य अस्पतालों को योजना से जोड़ने के आदेश दिए थे। इसी के बाद आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध करने के लिए सात सीएचसी का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इनमें मोहम्मदाबाद, राजेपुर व बरौन सीएचसी को सूचीबद्ध कर दिया गया है।
एक-दो दिन में आईडी पासवर्ड मिलते ही इन अस्पतालों में आयुुष्मान मित्र की तैनाती के साथ कंप्यूटर, प्रिंटर आदि की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में एक सेपरेट आयुष्मान कक्ष बनाकर कार्डधारकों को इलाज की सुविधा मिलने लगे।
डा.अमित मिश्रा ने बताया कि तीन सीएचसी आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध कर लिए गए। जबकि कमालगंज, कायमगंज, नवाबगंज व शमसाबाद का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उन्हें भी शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस अस्पतालों में आयुष्मान कक्ष बनाकर इलाज की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।