फर्रुखाबाद। बस अड्डे के सामने से सवारियां भरते वक्त बस अड्डा प्रबंधक के अपहरण के मामले के आरोपी डग्गामार बस मालिक, चालक और एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने वीडियो बनाने से गुस्से में घटना को अंजाम देना कबूल किया है।
रोडवेज बस अड्डे के सामने डग्गामार बस लगाकर दिल्ली की सवारियां भरीं जा रहीं थीं। मना करने पर बस अड्डा प्रबंधक जितेंद्र सिंह को जान से मारने की नीयत से अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने उनके साथ बस में मारपीट की। पुलिस ने उनकी तहरीर पर अपहरण करने, लूट, सरकारी कार्य में बाधा, एससी-एसटी एक्ट धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
नामजद बस मालिक अंबेडकरनगर निवासी विपिन दीक्षित, मोहल्ला श्यामनगर निवासी बस चालक अमित कुमार शुक्ला और हेल्पर हरदोई के थाना पाली के गांव कछेलिया निवासी जितेंद्र अग्निहोत्री की पुलिस ने बुधवार सुबह मसेनी चौराहे के पास से गिरफ्तारी दिखाई है।
आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में घटना को स्वीकार किया। बताया कि जितेंद्र ने सवारियां भरने का वीडियो बनाया था। इससे गुस्सा आ गया और घटना को अंजाम दे दिया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय ने बताया कि घटना में एक हेल्पर भी शामिल था। वह फिलहाल पुलिस की पकड़ से भागा हुआ है। शीघ्र ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। अमित शुक्ला पर राजेपुुर थाने में 2016 में एक और मुकदमा दर्ज हुआ था।
एमआरआई में बस अड्डा प्रबंधक के काफी चोटें आईं
घायल बस अड्डा प्रबंधक का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहां डॉक्टर ने एमआरआई करवाई है। उसमें चेहरे पर काफी चोटें आना पाया गया है। फिलहाल वह घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। दबंग डग्गामार बस संचालकों से सुरक्षा को लेकर परिवार काफी चिंतित है।