तीसराम की मढ़ैया में पक्का मकान तोड़ते वीरेंद्र वर्मा।
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अमृतपुर। गंगा किनारे बसे तीसराम मढ़ैया गांव से 20 मीटर की दूरी पर गंगा बह रही हैं। बाढ़ की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों ने पक्के मकान तोड़ने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर मौका-मुआयना किया। एसडीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के रहने की जल्द से जल्द व्यवस्था की जाएगी।
तीसराम मढ़ैया में गंगा किनारे अलवर, विजय पाल, वीरेंद्र वर्मा, रनवीर, मिहीलाल, रामऔतार, सर्वेश कुमार, सूरजपाल, विनोद कुमार, देशराज और नन्हे आदि के मकान बने हुए हैं। मात्र 20 मीटर की दूरी पर गंगा का कटान होता देख वीरेंद्र वर्मा और रनवीर सिंह ने अपने पक्के मकान तोड़ने शुरू कर दिए। वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि उन्होंने ट्रैक्टर से अपने घर का मलबा पांचाल घाट पर स्थित अपनी जमीन पर डलवा दिया है।
रनवीर का कहना है कि पता नहीं कब गंगा कटान करने लगें। इसलिए मकान तोड़कर ईंटें इकट्ठा कर रहे हैं। मलबे को ऊंचे स्थान पर ले जाकर डालेंगे और वहीं आशियाना बनाएंगे। मिहीलाल, रामऔतार, देशराज और नन्हे आदि का कहना है कि पानी बढ़ा तो वे लोग भी मकान तोड़ने को मजबूर होंगे। उधर, लेखपाल प्रकाशचंद्र तीसराम की मढ़ैया पहुंचे और निरीक्षण किया। लेखपाल ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को ऊंचे स्थान पर जगह दी जाएगी। एसडीएम वसंत गुप्ता ने बताया कि तहसीलदार को भेजकर पीड़ितों की मदद कराएंगे।