फर्रुखाबाद। सदर तहसील के उपनिबंधक रविकांत व कंप्यूटर ऑपरेटर पर साक्ष्य मिटाने व शारीरिक चोट पहुंचाने के मामले में जांंच अधिकारी ने राजेपुर ब्लाक के पूर्व ब्लाक प्रमुख सपा नेता डॉ. सुबोध यादव के आवास पर तीसरा नोटिस चस्पा किया। उन्होंने कहा कि बयान दर्ज कराने में सुबोध की उपस्थिति बेहद जरूरी है। इससे विवेचना में देरी हो रही है।
फतेहगढ़ के जयनारायण वर्मा रोड निवासी सपा नेता डॉ. सुबोध यादव ने कोर्ट के आदेश पर उपनिबंधक रविकांत और कंप्यूटर ऑपरेटर निबंधन विभाग बागकूंचा निवासी प्रदीप सक्सेना पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अपराध से जुड़े सबूत (साक्ष्य) मिटाने एवं असली अपराधी को बचाने के लिए झूठी जानकारी देने समेत शारीरिक चोट पहुंचाने का आरोप लगाया था। कहा था कि 12 दिसंबर 2025 को पंजीकृत कराए गए संशोधित किरायेनामा में जालसाजी करके एक लाइन बढ़ा दी गई। इस मामले की जांच मऊदरवाजा थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह को दी गई।
जांच अधिकारी ने डॉ. सुबोध यादव को बयान दर्ज कराने एवं घटनास्थल के निरीक्षण के लिए 16 और 30 मई को जयनरायन वर्मा रोड स्थित उनके आवास पर नोटिस चस्पा कराए। इसके बावजूद वह विवेचक के सामने नहीं पहुंचे। जांच अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने शनिवार को आवास पर तीसरी बार नोटिस चस्पा किया।