फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों व संपत्ति की सुरक्षा के लिए लगाए गए 72 सीसीटीवी कैमरों में से 27 ही चल रहे हैं। जबकि कागजों में सभी कैमरे चालू बताए जा रहे हैं। हद तो यह है कि महत्वपूर्ण स्थानों में शामिल इमरजेंसी के ईएमओ कक्ष, ओपीडी समेत कई कैमरे 15 दिन से बंद पड़े हैं। ठेकेदार इन्हें चालू करने की जरूरत नहीं समझ रहा। जबकि अस्पताल कैमरों पर मोटी रकम खर्च कर चुका है।
लोहिया अस्पताल में आए दिन हो रहीं घटनाओं पर अंकुश और अंजाम देने वालों को पकड़ने में आसानी की मंशा से लाखों रुपये खर्च कर 72 कैमरे लगाए गए थे। इनमें से 25 कैमरे ऑनलाइन लखनऊ कंट्रोल रूम से जुड़े बताए जा रहे हैं। ऑनलाइन कैमरों को छोड़ दें, तो अधिकतर कई दिन से बंद चल रहे हैं। इमरजेंसी कक्ष 24 घंटे काम करता है। इस दौरान हर तरह के लोगों का आना-जाना होता है। किसी भी अनहोनी को कैमरों में कैद करने की मंशा से अस्पताल में ईएमओ कक्ष में भी कैमरा लगाया गया, मगर यह कई महीने से बंद पड़ा है।
सोमवार को वाहन स्टैंड, ओपीडी, पीकू वार्ड के मुख्य हाल समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों के कैमरे भी बंद रहे। ओपीडी में आए दिन भीड़ के चलते विवाद की स्थिति बनी रहती है। यही नहीं कई बार मरीजों और तीमारदारों की जेब से रुपये निकालने, मोबाइल चोरी समेत अन्य घटनाएं भी हो चुकीं। इसके बावजूद अस्पताल के 45 कैमरे बंद पड़े हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदार से कई बार कैमरे चालू करने की बात कही, मगर वह नहीं आ रहा है।
प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रभात वर्मा ने बताया कि कैमरे बंद होने की जानकारी हुई है। वह संबंधित ठेकेदार के लिए लिखित में नोटिस भिजवाकर मरम्मत कराएंगे।