अमृतपुर। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र ब्लॉक राजेपुर में घरों में भी बाढ़ का पानी भरा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोग सड़कों के किनारे पन्नी तानकर गुजारा कर रहे हैं।
गरीबी में भूख मिटाने का भी साधन नहीं है। न घर में अन्न है और न ही भोजन बनाने का साधन। लकड़ियां भी गीली हैं। इससे कई परिवार सूखी रोटी या सूखी पूड़ी खिलाकर बच्चे पाल रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित गांव अंबरपुर की मड़ैया, चित्रकूट, मंझा, पट्टी भरखा, सैदापुर, कुंडरी सारंगपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया कछुआ गाढ़ा, भुड़रा आदि दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी भरा है। इमादपुर सोमवंशी मार्ग पर आशा की मड़ैया, अंबरपुर की मड़ैया, बदायूं मार्ग पर चित्रकूट व कड़हर मार्ग पर बाढ़ पीड़ित गरीब परिवार डेरा जमाए हैं।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन की ओर से एक माह पूर्व राहत सामग्री मिली थी जो खत्म हो चुकी है। अब कोटे की दुकान से राशन मिलने लगा है, लेकिन ईंधन व गैस न होने से भोजन नहीं बन पा रहा है।
अंबरपुर की मड़ैया में मासूम बच्ची सूखी पूड़ियां भिगोकर उसका हलवा बनाकर खाती मिली। एक महिला थाली में कुछ चावल लेकर बच्चों के साथ भूख मिटाते दिखी। लोगों ने प्रशासन से मदद की मांग की है।