बिना लगे इंसीनरेटर के भुगतान की होगी जांच
फर्रुखाबाद। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इंसीनरेटर लगे बिना ही भुगतान किए जाने के मामले में सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। यही कमेटी ग्राम पंचायतों में थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद की भी जांच करेगी।
जनपद में ग्रामीण क्षेत्र के 554 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ग्राम पंचायत से आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत सैनिटरी नैपकिन नष्ट करने के लिए इंसीनरेटर लगवाने के निर्देश हैं। विभागीय जिम्मेदारों ने इनको बनवाने के बजाय फिरोजाबाद की फर्म से थोक में खरीद कर ब्लाकों में आपूर्ति कराने का खेल कर दिया।
अब ग्राम पंचायतों से प्रति इंसीनरेटर 8600 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। अभी तक एसआरके इंटरप्राइजेज, गौरिका इंटरप्राइजेज, श्री राधे इंटरप्राइजेज व राजेंद्र इंटरप्राइजेज के नाम से एक समान 8600 रुपये का भुगतान किया गया है।
जल्दबाजी के चलते कुछ स्कूलों में अधूरे कायाकल्प के बीच इंसीनरेटर लगवा दिए गए, तो कई बिना लगे ही भुगतान कर दिया गया। कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां बिजली ही नहीं है और बिजली से चलने वाला इंसीनरेटर लगवा दिया गया।
हालांकि परियोजना निदेशक व शमसाबाद के प्रभारी बीडीओ राजमणि वर्मा ने बताया कि उन्होंने 56 इंसीनरेटर मंगवाए थे। इसके अलावा जिले की सभी 600 ग्राम पंचायतों में दिल्ली की फर्म निओ फिटनेस से थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की 4399 रुपये में आपूर्ति कराई गई। इस खरीद में न कोई टेंडर, न वर्कआर्डर हुआ और न ही कमेटी बनाकर स्वीकृति ली गई। इसका भी भुगतान किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना इंसीनरेटर लगे भुगतान और सेंट्रलाइज खरीद की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में कायमगंज एसडीएम अमित आसेरी, परियोजना निदेशक राजमणि वर्मा व जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद शामिल हैं।
यही कमेटी थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद की जांच करेगी। मुख्य विकास अधिकारी डा.राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।