फर्रुखाबाद। मौसम विभाग से पूर्वानुमान के तहत 28 व 29 मई को तूफान आने व वज्रपात की आशंका व्यक्त करते हुए एडवाइजरी जारी की गई है। मंगलवार सुबह से ही तेज गर्म हवा लोगों को परेशान करने लगी। शहर के प्रमुख बाजारों के साथ चौराहों तिराहों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। आम आदमी के साथ पशु पक्षी भी भीषण गर्मी से बेहाल नजर आए।
मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार जिले व आसपास के क्षेत्रों में आगामी दो से तीन दिन में मौसम परिवर्तन की संभावना है। अत्यधिक गर्मी व उमस के चलते आंधी-तूफान, मेघगर्जन व वज्रपात के संकेत हैं। 26 व 27 मई दिन व रात में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है वहीं 28 व 29 मई को आंधी-तूफान, मेघगर्जन व वज्रपात की संभावना जताई गई है।
इस दौरान हवा की गति 60 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे कमजोर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति व यातायात व्यवस्था, खुले स्थानों पर खड़े वाहन, होर्डिंग व टिन शेड प्रभावित हो सकते हैं। आम, सब्जी आदि फसलों में नुकसान की आशंका है। वज्रपात से जनहानि व पशुहानि की हो सकती है।
यह बरतें सावधानी
दोपहर 12 से 4 बजे तक बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी का सेवन करें। हल्के रंग व सूती कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। पशुओं के लिए छाया, पानी की व्यवस्था रखें। किसानों को सलाह दी गई कि फसलों को सहारा (स्टेकिंग) दें, इससे तेज हवा में कम नुकसान हो। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें। कीटनाशक व उर्वरक का छिड़काव स्थगित रखें। कृषि यंत्र, भूसा आदि सुरक्षित रखें। यह भी बताया गया कि आंधी-तूफान व वज्रपात के समय बिजली चमकने पर घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें और बिजली उपकरणों के प्लग निकाल दें। खुले स्थान पर फंस जाएं तो बैठ जाएं और दोनों पैर सटाकर कान बंद कर लें। वाहन न चलाएं। पशुओं को पक्के शेड में बांधें।
क्या न करें
पेड़, बिजली के खंभे, टॉवर या कच्ची दीवार के पास खड़े न हों और खुले मैदान, छत, तालाब, नदी के पास न जाएं। आंधी-तूफान के दौरान धातु की वस्तुओं, छाते या मोबाइल का प्रयोग न करें। बिजली गिरने से प्रभावित व्यक्ति को छूने से न डरें, वह करंट नहीं मारता। आपात स्थिति में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें।