रामकुमार के घर पर गमगीन परिजन।
- फोटो : रामकुमार के घर पर गमगीन परिजन।
शमसाबाद। पिता-पुत्री की एक साथ अर्थी उठी तो हर किसी की आंख नम थी। लोगों में चर्चा थी कि पिता अपनी पुत्री को अधिकारी बनाना चाहते थे। छोटे भाई ने एक साथ बड़े भाई व भतीजी को मुखाग्नि दी तो लोगों की आंखें भर गईं।
नगर पंचायत के मोहल्ला हरियानिया निवासी सर्राफा व्यवसाय रामकुमार वर्मा अपनी पत्नी सरस्वती वर्मा और पुत्री अक्षरा के साथ कार से पूर्णागिरि से दर्शन करके घर लौट रहे थे। शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर बाइक और डंपर की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में रामकुमार वर्मा और उनकी पुत्री अक्षरा की मौत हो गई।
पिता-पुत्री की मौत की खबर सुनते ही रामकुमार वर्मा के घर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। हर कोई परिजनों को ढांढस बंधा रहा था। सोमवार शाम पिता-पुत्री के शव आते ही कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। ढाईघाट पर दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। भाई उमेश वर्मा ने दोनों शवों को मुखाग्नि दी। परिजनों ने बताया कि रामकुमार पुत्री अक्षरा को अधिकारी बनाना चाहते थे।