फोटो-10, लोहिया अस्पताल स्थित बीएसएल लैब। संवाद
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में संचालित बीएसएल लैब में किट से हुई जांच में एक महिला डेंगू पॉजिटिव आई थी। महिला की एलाइजा जांच रिपोर्ट 22 दिन बाद भी सेंट्रल लैब नहीं पहुंची।
फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। जबकि रोजाना 15 नमूने जांच के लिए सेंट्रल लैब भेजे जाते हैं। लोहिया अस्पताल में बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुखार का प्रकार जानने के लिए रोजाना औसतन दो से ढाई सौ नमूने लिए जाते हैं। इनमें से 15 नमूने एलाइजा जांच के लिए अस्पताल में खुली बीएसएल लैब भेजे जाते हैं। 19 सितंबर को कादरीगेट थाने के मसेनी निवासी महेश की पत्नी सुदामा (36) ने बुखार आने पर अस्पताल में दिखाया था।
डॉक्टर ने इसकी जांच के लिए लिखा। अस्पताल की लैब में किट से खून के नमूने की जांच की गई तो महिला डेंगू पॉजिटिव निकली। उसी दिन लैब से नमूना एलाइजा जांच के लिए बीएसएल लैब भेज दिया गया। सेंट्रल लैब के सूत्र बताते हैं कि सुदामा की जांच रिपोर्ट शनिवार तक बीएसएल लैब से मुहैया नहीं कराई गई। सुदामा रिपोर्ट लेने गई, मगर उसे नहीं मिल सकी। इससे महिला परेशान है।
सेंट्रल लैब प्रभारी पैथोलॉजिस्ट डॉ. जय सिंह ने बताया कि सुदामा का नमूना निगेटिव निकला है। यदि पॉजिटिव होता, तो तुरंत जानकारी दी जाती। निगेटिव था इसलिए बीएसएल लैब से देरी से जानकारी दी गई। फिलहाल रजिस्टर पर अंकित करवा दिया है।