मोहल्ला नोनियमगंज मेें शादी समारोह में मिठाई बनाने के लिए आया दूध सिंथेटिक निकला। इसकी जानकारी होते ही डेरी संचालक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा और आनन फानन में दूध को फिकवा दिया। लोगों का कहना था कि अगर इस दूध की बनी मिठाई खा ली जाती तो फूड प्वाइजनिंग की संभावना थी। जिले में सिंथेटिक दूध की बिक्री का भी मामला एक बार फिर गरमा गया है।
नगर के मोहल्ला नोनियमगंज निवासी राम सिंह की पुत्री की रविवार को बारात आनी थी। इसके लिए एक गेस्ट हाउस में शनिवार को हलवाई ने मिठाई बनवाने का काम शुरू किया। जिसके लिए 70 लीटर दूध कायमगंज के ग्राम पट्टिया स्थित कामधेनू योजना के अंतर्गत लगी अग्रवाल दूध डेरी से मंगवाया गया।
हलवाई मुकेश ने दूध गर्म कर उसे फाड़ने के लिये साटरी डाली। लेकिन दूध नहीं फटा, तो वह आश्चर्यचकित रह गया। इसके बाद पड़ोस के गेस्ट हाउसों में काम कर रहे हलवाई सुबोध, कमल और रवेंद्र को दूध फाड़ने के लिये बारी-बारी से बुलाया गया लेकि न वह भी दूध फाड़ नहीं सके। सभी हलवाइयों का कहना था कि दूध सिंथेटिक है।
इसलिये दूध नहीं फट रहा है। इसके बाद राम सिंह ने डेरी संचालक साकेत अग्रवाल को फोन पर दूध के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डेरी संचालक ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। रविवार सुबह जब राम सिंह ने साकेत का दोबारा मोबाइल मिलाया तो उन्हाेंने नहीं उठाया। इसके बाद डेरी संचालक साकेत के पिता सुरेंद्र अग्रवाल गेस्ट हाउस आए और उन्होंने खराब दूध नाली में फिकवा दिया।
डेरी संचालक सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि इसमें उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वहीं, डेरी संचालक के पिता सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि जैसा दूध मिलता है वैसा ही सप्लाई किया जाता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि मामले की सूचना नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।