ऋतुराज वसंत के प्रभाव से दो दिन इंद्रदेव शांत रहे। शुक्रवार और शनिवार को
निकली धूप से लोगों ने राहत की सांस ली। थी। रविवार को एकाएक मौसम ने करवट
बदल ली। मौसम बिगड़ने पर भी छुट्टी के चलते रामनगरिया में भारी भीड़
उमड़ी। आसमान में छाए काले बादलाें और सर्द हवाओं ने सर्दी को और बढ़ा
दिया। इसके बाद भी मौसम की परवाह किए बगैर जमकर नौका विहार हुआ।
वहीं साधु
संतों ने दैनिक पूजा-अर्चना के बाद क्षेत्र में पालकी शोभायात्रा निकाली।
कल्पवासियों ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भागवत और सत्यनारायण की कथा का
भी श्रवण किया। गंगा स्नान करने आए लोगों ने गंगा को पहरावन चढ़ाई। भारी
भीड़ से पांचाल घाट पुल पर घंटों जाम लगा रहा। इसके बाद भी पुलिस मस्त तो
लोग पस्त नजर आए। काफी मशक्कत के बाद जाम खुल सका। प्रशासनिक क्षेत्र में
आयुर्वेद सम्मेलन का आयोजन हुआ। यहां आयुर्वेद उत्थान और योग पर बल दिया
गया।
नौका विहार का लिया आनंद
रामनगरिया मेले को एक सप्ताह
ही बचा है। रविवार को छुट्टी से मेले में भारी भीड़ उमड़ी। मेले में जाने
के लिए एक ओर पांचाल घाट का पुल है तो दूसरी ओर नाव से मेला क्षेत्र में
जाते हैं। पुल पर लगे जाम के कारण लोगों ने नाव से जाना पसंद किया। कुछ
लोगों ने परिवार समेत नौका विहार का आनंद लिया। नाव में लोग खाने पीने की
वस्तुओं के साथ नौका विहार करते दिखे।
गंगा को चढ़ाई पहरावन
दूर
दराज क्षेत्रों से आए भक्तों ने गंगा स्नान के बाद मां भागीरथी को पहरावन
चढ़ाई। साथ ही अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी किए। मान्यता है कि लोग मनौती
पूर्ण होने के बाद गंगा को पहरावन चढ़ाते हैं। शाहजहांपुर से आए भक्त ने
बताया कि उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए पहरावन बोली थी। गंगा मैया की
कृपा से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई है। इसको लेकर वह पहरावन चढ़ाने आए
हैं।
मेला क्षेत्र में उमड़ी भीड़
मेला क्षेत्र में उमड़ी
भीड़ ने जमकर खरीददारी की। 15 दिन से सन्नाटे की मार झेल रहे दुकानदारों
के चेहरे पर रौनक दिखाई दी। महिलाओं ने ऊनी शालें, गुजराती साड़ी व
कास्मेटिक सामान खरीदा। वहीं बच्चे लकड़ी की गाड़ी के साथ गेम व बैट बाल
भी खरीदते नजर आए।
आयुर्वेद सम्मेलन में बताए योग के गुर
प्रशासनिक
पंडाल में हुए आयुर्वेद सम्मेलन में मुख्य अथिति योगीराज महाराज ने कहा
कि लोगों को आयुर्वेद की औषधियों पर भरोसा करते हुए उन्हें अपनाना चाहिए।
आयुर्वेद का प्रारंभ ऋषि मुनियों ने किया था। प्राचीन समय में गंभीर रोगों
में लोगों को आयुर्वेद दवाएं ही उपलब्ध थीं।
एलोपैथिक दवाएं तात्कालिक लाभ
देती हैं। यह रोग का जड़ से नाश नहीं करती हैं। आयुर्वेदिक दवाएं जड़ से
रोग को खत्म करती है। वहीं सम्मेलन में अपराधों के नियत्रंण पर चर्चा की
गई। इस दौरान डा. शरद अग्निहोत्री, डा. केके सिंह, डा. कन्हैया लाल पांडेय,
डा. मोहन सिंह, राज गौरव पांडेय, डीसी द्विवेदी, डा. राजेश चतुर्वेदी
मौजूद रहे। सम्मेलन का संचालन डा. संतोष प्रजापति ने किया।
चरित्र ही जीवन का सूत्र
जनपदीय
आर्य समाज उपप्रतिनिधि सभा में हरियाणा से आए आचार्य प्रदीप शास्त्री ने
उपस्थित लोगों को चरित्र निर्माण की शिक्षा दी। इन्होंने कहा कि चित्र,
मित्र और चरित्र ही जीवन का असली सूत्र है। यह तीनों उत्तम हों तो परिवार,
समाज और राष्ट्र सुखी और समृद्ध हो जाएंगे। वहीं राकेश आर्य ने कहा कि जिस
घर में लोग प्रेम से रहते हैं, वह घर स्वर्ग के समान होता है। यहां देवता
भी अपना स्थान ग्रहण करते हैं।
पांचाल घाट पुल पर लगा जाम
छुट्टी
के दिन भारी भीड़ उमड़ने के चलते रामनगरिया क्षेत्र में काफी गहमागहमी
रही। मेला क्षेत्र में चौपहिया वाहनों और ट्रैक्टरों के आने से पांचाल घाट
पुल पर जाम की स्थिति बनी रही। जाम केे बाद भी पुलिस गपियाती व चाय पानी
करती नजर आई। जाम खुलवाने में पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। इससे लोग
पस्त नजर आए।
संतों ने निकाली पालकी यात्रा
रविवार को
वैष्णव और अन्य संप्रदाय के संतों ने पालकी शोभायात्रा निकाली। पालकी में
ठाकुर जी महाराज को बैठाकर पहले गंगा तट ले जाया गया। यहां स्नान और पूजा
के बाद ठाकुर जी को पालकी पर सवार किया गया। पालकी पर सवार ठाकुर जी को
साधु संतों ने पूरे क्षेत्र मे भ्रमण कराया। भ्रमण के दौरान कल्पवासियों ने
शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत किया।