फोटो-18, ठटा की मड़ैया में बनी पानी की टंकी गंगा में गिरने के बाद लगा बोरिंग का पाइप।संवाद
- फोटो : भंगहा सीएचसी में मेगा स्वास्थ्य शिविर में मौजूद विधायक व अन्य।
फर्रुखाबाद। दो सप्ताह पहले अस्तित्व समाप्त होने के बाद ठटा की मड़ैया में बची एकमात्र पानी की टंकी भी मंगलवार सुबह गिर गई। जलस्तर कम होते ही कटान ने तेजी पकड़ ली है।
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दिलीप की मड़ैया में दो ग्रामीणों के मकानों का देर रात तक कटना तय माना जा रहा है। बारिश से पहले सदर तहसील का गांव ठटा की मड़ैया की गंगा से दूरी करीब एक किमी. थी। बारिश में आई बाढ़ के चलते गंगा ने इतनी तेज कटान किया कि पृथ्वीपुर काटने के बाद दौली की मड़ैया और ठटा गांव को पूरी तरह खत्म कर दिया।
यहां बची एकमात्र पानी की टंकी भी मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे गंगा में समा गई। जलस्तर में कमी आते ही कटान ने तेजी पकड़ ली है। गंगा की धार कई दिनों से दिलीप की मड़ैया को काट रही है। आधा गांव खत्म हो चुका है।
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मंगलवार सुबह से गांव के मुनीश और राजपाल का मकान कटने लगा है। कटान की गति इसी तरह रही तो देर रात तक दोनों मकान गिरना तय माना जा रहा है। ग्रामीणों में दहशत है। अब गांव में करीब 20 मकान बचे हैं।