कंपिल। गंगा नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन बढ़ने से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मार्गों पर एक बार फिर पानी भरने लगा है, जिससे आवाजाही मुश्किल होती जा रही है।
कमलपुर (दुदेमई), इकलहरा, कारव, पुंथर देहामाफी, रामसिंह का नगला, ठाकुर नगला, मधवापुर, रौकरी, पलितपुरा, बिहारीपुर, कैरेई और हमीरपुर मजरा जात समेत कई गांव पिछले एक महीने से बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले साल तहसील क्षेत्र में करीब 1100 हेक्टेयर फसल बाढ़ से बर्बाद हुई थी, जबकि इस साल नुकसान लगभग 1800 हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान है।
संबंधित लेखपालों को फसलों की क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी हैं, जबकि बाकी लेखपालों द्वारा नुकसान का सर्वे किया जा रहा है।
सड़कें फिर डूबीं, नाविक ले रहे ज्यादा रुपये
गांव बहबलपुर में मिसतनी जानी वाली सड़क पर पहले पानी कम हुआ था, लेकिन जलस्तर बढ़ने से दोबारा तेज बहाव शुरू हो गया है। नूरपुर गढ़िया संपर्क मार्ग पर भी यही स्थिति है। कंपिल-बदायूं मार्ग पर प्रशासन ने आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की है, लेकिन नाव चालक ग्रामीणों से प्रति व्यक्ति 10 रुपये की अवैध वसूली कर ज्यादा रुपये ले रहा है। आर्थिक तंगी झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह राशि भारी पड़ रही है।