नवाबगंज। कोचिंग से लापता तीनों छात्र खुद ही वापस आ गए। वे क्रिकेट का ट्रायल देने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गए थे। वहां बिना आधार कार्ड के प्रवेश न मिलने पर तीनों शनिवार सुबह वापस नवाबगंज पहुंच गए। यह बात पुलिस की पूछताछ में सामने आई है।
कस्बा के मुख्य चौराहा निवासी शिवराम सिंह का पुत्र सत्यम शाक्य (15), उसके फूफा डॉ. बृजेश का बेटा अहम (15) और बाइपास रोड निवासी संजीव राजपूत का पुत्र आयुष (15) आपस में दोस्त हैं। तीनों वीआरएम इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के छात्र हैं। मंगलवार शाम को अस्पताल रोड स्थित सुमित्र कोचिंग में पढ़ने गए थे। इसके बाद वह वापस घर नहीं पहुंचे। परिजन ने नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
शुक्रवार रात सत्यम शाक्य ने अपने बड़े भाई शिवम को फोन कर दिल्ली में होने की जानकारी दी। भाई ने उससे अपने दोनों साथियों के साथ ट्रेन से मथुरा पहुंचने के लिए कहा। रात लगभग 12:00 बजे तीनों छात्र मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से तीनों शनिवार सुबह 5:00 बजे नवाबगंज पहुंच गए। परिजन उन्हें थाने लेकर गए।
तीनों छात्रों ने बताया कि वे क्रिकेट का ट्रायल देने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम गए थे लेकिन आधार कार्ड साथ न ले जाने से उन्हें स्टेडियम में घुसने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद तीनों मुंबई से ट्रेन से दिल्ली पहुंचे। इससे पहले वह शमसाबाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होकर मथुरा गए थे। वहां से बस से दिल्ली पहुंचे। फिर वहां से ट्रेन से मुंबई चले गए थे। बताया कि तीनों के पास लगभग आठ-आठ हजार रुपये थे। 1450 रुपये में दिल्ली से तीनों लोगों का मुंबई के लिए जनरल टिकट मिला था। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि तीनों छात्रों को पूछताछ के बाद उनके परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है।