मेला श्री रामनगरिया में निकली शोभायात्राओं में संतों के करतब देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। शोभायात्रा में शामिल संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
मंगलवार को मेला श्री रामनगरिया के श्रीपंच अखिल भारतीय रामानंदी निर्मोही अनि अखाड़ा के तत्वावधान में शोभायात्रा का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष नारायन दास व सतीशदास के नेतृत्व में निकाली गई यात्रा में सबसे आगे निशान चल रहे थे। बाजार से होते हुए प्रशासनिक क्षेत्र पहुंची। यहां साधु संतों ने तलवारबाजी, भाला, गदा आदि से करतब दिखाए। यात्रा कुल के नीचे से होते हुए गंगा किनारे परिक्रमा मार्ग पार कर आश्रम में समाप्त हुई। यात्रा में महंत मनोहरदास, रामलखन दास, राघवदास, जगदीशदास, फूलदास और नेत्रपाल दास आदि मौजूद रहे।
वहीं दिगंबर अखाड़े के अखिल भारतीय श्री पंच तेरा भाई त्यागी खालसा स्वामी अवध बिहारीदास के क्षेत्र से शोभायात्रा निकाली गई। महंत बाबा बालकदास की अगुवाई में निकली यात्रा का प्रशासनिक क्षेत्र में मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने स्वागत किया। संतों को फूलमालाएं पहनाई गईं। यात्रा मेले की परिक्रमा करते हुए गंगातट पहुंची। यहां निशानों को स्नान कराया गया। यात्रा का समापन वैष्णव क्षेत्र में हुआ। यात्रा के समापन पर भंडारा व प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान महंत मनोहरदास, विष्णुदास, नरायनदास, दुलारेदास, धर्मदास, बजरंगदास, रघुवीरदास और मुकेशदास आदि मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। मेला श्री रामनगरिया में कल्पवास करने आए श्रद्धालुओं के बीच अध्यात्म की बयार बह रही है। मेला के प्रशासनिक क्षेत्र में बाल योगी उषा भारती के पांडाल में कथा सुनने के लिए मंगलवार को भीड़ उमड़ी। कथा व्यास ने राम की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने अपने पिता के वचन की रक्षा के लिए 14 वर्षों का वनवास खुशी से स्वीकार कर लिया। भगवान ने ऋषिमुनियों व धरती मां की रक्षा के लिए ही अवतार लिया था।
बाल्यावस्था से ही उन्होंने महर्षि विश्वामित्र से धनुष विद्या सीखकर राक्षसों का संहार करना शुरू कर दिया था। भगवान राम ने मर्यादा में रहते हुए जीवन यापन किया। इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम की संज्ञा दी गई।
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फर्रुखाबाद। जिला गांधी विचार प्रचार मंच के तत्वावधान में मंगलवार को सांस्कृतिक पंडाल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने गांधी के बताए रास्तों पर चलने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक पंडाल में गोष्ठी में ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने महात्मा गांधी के लोकप्रिय भजन रघुपति राघव राजाराम को गाया। ज्ञानी ने कहा कि महात्मा गांधी ने कष्ट सहने के बावजूद कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया। अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह ने महात्मा गांधी की जीवनशैली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के युग में यदि इंसान थोड़ा संयम बरते तो लड़ाई-झगड़े न हों। अध्यक्ष दिनेश प्रकाश सिंह ने मेला रामनगरिया के संस्थापक पूर्व विधायक महरम सिंह के बारे में जानकारी दी।
गोष्ठी को देशराज सिंह, गंगा महेश, केपी सिंह, डा. प्रभात अवस्थी, रामशंकर पांडेय, मुन्नालाल राठौर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जगपाल सिंह राठौर, पूर्व आईएएस राजीव सिंह, अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, शीला कटियार और रवींद्र भदौरिया आदि मौजूद रहे। संचालन महेशपाल सिंह उपकारी ने किया।
फर्रुखाबाद। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के पांडाल में संस्कृति रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्वामी सेवानंद सरस्वती ने कहा कि संस्कारों में ही वैदिक संस्कृति होती है। पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण से युवा पीढ़ी वैदिक संस्कृति को भूलती जा रही है। जो अपनी संस्कृति व इतिहास से प्रेरणा नहीं लेते। वह मिट जाते हैं। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि पश्चिम में जाकर सूर्य अस्त हो जाता है। हम उस संस्कृति का अनुशरण कर न करें।
इस मौके पर पंडित प्रदीप शास्त्री, हरिओम शास्त्री, रेनू, अजीत, रामू, उदिता, दलवीर शास्त्री, पंडित शिवनरायन, संदीप, अभिषेक और संजय आदि मौजूद रहे।
शमसाबाद। ढाईघाट पर चल रहे मेला श्रीरामनगरिया में सोमवार देर रात बाबा विजय गिरि के आश्रम में रामलीला का आयोजन किया गया। ब्रज रासलीला मंडल वृंदावन के कलाकारों ने भगवान श्रीराम के नगर दर्शन और धनुष भंग लीला का मंचन किया। लीला देख श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। बाबा विजय गिरि ने बताया कि 10 फरवरी को रामलीला का समापन होगा। इस अवसर पर आनंद गिरि, बाबा ब्रह्मदास, चंद्र गिरि, बाबा रामरतन और ज्ञानदास आदि मौजूद रहे।