भीषण गर्मी से लोगों को निजात नहीं मिल रही है। सुबह से ही मौसमगरम हो जाता
है। दिन पर दिन गर्मी के तीखे होते तेवर से लोग बिलबिला रहे हैं। करीब एक
सप्ताह से पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास ठहरा हुआ है। रविवार को अधिकतम
तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज
की गई। भीषण गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है।
29 मई को
अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रहा तो 30 मई को घटकर 44.2 डिग्री
सेल्सियस हो गया। 31 मई को फिर बढ़ते हुए 44.7 डिग्री सेल्सियस हो गया जबकि
न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री रिकार्ड किया गया। करीब एक सप्ताह से पारा में
उतार-चढ़ाव लगा है लेकिन यह घटने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसके चलते
गर्मी का प्रकोप जारी है। सुबह होते ही गर्मी असर दिखाना शुरू कर देती है।
सुबह 9 बजे के बाद धूप में चटकपन शुरू हो जाता है। रविवार को भी सुबह से ही
मौसम गर्म
होने लगा। दोपहर 12 बजे चटक धूप निकलने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो
गया। हालांकि दोपहर करीब 1.30 बजे बादलों ने अपनी ओट में जब सूरज देवता को
छिपा लिया तो लोगोें को कुछ राहत मिली। एक तो भीषण गर्मी, ऊपर से बिजली की
अघोषित कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। शनिवार रात में बिजली की
आंखमिचौली से लोग परेशान रहे। बिजली न आने से दोपहर में लोग घरों के बाहर
ही नजर आते हैं। गर्मी और लू के चलते रविवार को त्रिपोलिया चौक से घुमना
बाजार तक
लगने वाले संडे बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहा। धूप से बचने के
लिए लोग छाते का इस्तेमाल कर रहे हैं। भीषण गर्मी से हैजा और डायरिया जैसी
बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। हीट स्ट्रोक का भी खतरा बना हुआ है। क्लीनिकों
और अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। लोहिया अस्पताल में भी हैजा और
डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।