फोटो-16 सत्यभान सिंह। फाइल फोटो
फोटो-17 विकासनगर स्थित घर पर शोकाकुल महिलाएं। संवाद
फोटो-18 विकास नगर घर पर शव पहुंचने पर शामिल लोग। संवाद
- बुधवार दोपहर शव पहुंचने पर परिवार में मची चीख पुकार
-14 साल से अपने मकान विकासनगर में परिवार संग रह रहे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। उरई थाने से दबिश देने जा रही पुलिस की कार हरियाणा के नूंह में डंपर से टकरा गई थी। इसमें जान गंवाने वाले पांच लोगों में से दरोगा सत्यभान सिंह शहर के मोहल्ला विकासनगर में रहते थे। बुधवार दोपहर उनका शव घर पहुंचने पर परिजन में चीख पुकार मच गई। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे। डेढ़ साल बाद उन्हें सेवानिवृत्त होना था।
कासगंज जिले के थाना पटियाली के गांव अलीपुर दादर निवासी सत्यभान सिंह करीब 17 साल तक जिले के अलग-अलग थानों में तैनात रहे। करीब 14 साल पहले कादरीगेट के विकासनगर मोहल्ले में उन्होंने अपना मकान बनवा लिया था। यहां पत्नी अतरकली और बेटी, बेटा भी रहते थे। यहां से दरोगा बनने के बाद वह उरई कोतवाली में पहुंच गए। तेजतर्रार होने के चलते उन्हें एक मिशन पर भेजा गया था लेकिन हरियाणा के नूंह में मंगलवार सुबह हादसे का शिकार हो गए
बुधवार शाम करीब तीन बजे पुलिस वाहन से उनका शव यहां लाया गया। शाम को शव यात्रा पांचाल घाट के लिए रवाना हुई। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। घर में बेटी अमरजीत कौर, परमजीत कौर, बेटा मंजीत सिंह, विशाल सिंह व युवराज सिंह हैं। बड़े भाई बादल सिंह, कीरत सिंह, छोटे सत्यवीर सिंह व गुरुदेव सिंह हैं। पुत्र विशाल सिंह ने बताया कि पिता छह अप्रैल को घर आए थे। वह दिल्ली में नौकरी करते हैं।