आलू से मंदी का ग्रहण हट नहीं रहा है। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल से आलू के
भाव 20 से 25 रुपये क्विंटल और गिर गए हैं। किसान महज बुवाई के लिए बीज की
निकासी कर रहे हैं। बिक्री के लिए निकासी बेहद कमजोर है। शीतगृहों में अभी
भी 55 फीसदी आलू स्टोर है।
जिले के 60 कोल्ड स्टोरेजों में सवा करोड़
पैकेट आलू स्टोर किया गया था। किसानों की शीतगृह स्वामियों से 31 अक्तूबर
तक आलू भंडारण की संविदा है। इसके बाद किसानों का आलू से हक खत्म हो जाएगा।
अब तक 45 फीसदी आलू की ही निकासी हो पाई है। इसमें भी बड़ा प्रतिशत बीज का
है। अभी 55 फीसदी आलू जमा है। मंदी से इसकी निकासी मुश्किल लग रही है।
भाड़ा
टूटने से कोल्ड स्टोरेज मालिक भी परेशान हैं। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन
के सचिव उमेश अग्रवाल कहते हैं कि आलू की निकासी बेहद धीमी है। इस हाल में
31 अक्तूबर तक कोल्ड खाली नहीं हो पाएंगे। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल ने
समस्या बढ़ा दी
है। पुखराज और 3797 के दामों में 20 से 25 रुपये क्विंटल की
गिरावट हुई है। इससे किसानों के आलू बिक्री के हौसले और ठंडे हो गए हैं।
व्यापारी भी ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल से खरीद में दिलचस्पी नहीं ले रहे
हैं। सातनपुर मंडी के आलू आढ़ती सुधीर वर्मा रिंकू का कहना है कि पंचायत
चुनाव में आलू की खपत बढ़ने के आसार हैं। ऐसा हुआ तो दाम बढ़ सकते हैं।