पुलिस ने जितेंद्र से कड़ाई से पूछताछ की
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कपड़ा व्यवसायी के मुनीम से दिनदहाड़े 51 हजार की लूट होने की वारदात से शहर में सनसनी फैल गई। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो लूट की कहानी फर्जी निकली। मुनीम ने खुद के पास रुपये रख लिए थे।
नितगंजा बाजार में अजय अग्रवाल की जगदीश टेक्सटाइल के नाम से थोक व फुटकर कपड़े की दुकान है।
इस दुकान पर थाना मोहम्मदाबाद के गांव पिपरगांव निवासी जितेंद्र कश्यप मुनीम है। वह गुरुवार को फर्म के 51 हजार रुपये पंजाब नेशनल बैंक की ठंडी सड़क स्थित शाखा में जमा करने गया। करीब 12 बजे उसने अजय अग्रवाल को सूचना दी कि बाइकर्स लुटेरों ने उससे रुपये लूट लिए। उसने लूटेरों का देवरामपुर होते हुए नाला बघार तक पीछा भी किया, लेकिन वे भाग निकले। लूट की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह, सीओ सिटी आलोक सिंह मौक पर पहुंचे। पुलिस ने जितेंद्र से कड़ाई से पूछताछ की। प्रभारी शहर कोतवाल ने बैंक से 11 बजे से लेकर एक बजे तक के फुटेज निकलवाए ।
इसमें पाया गया कि 11:16 बजे जितेंद्र कश्यप बैंक के अंदर प्रवेश किया और लाइन में लगकर इसने रुपये जमा करने के लिए पर्ची भरी। भारी भीड़ होने के कारण वह काफी देर तक लाइन में लगा रहा। इसके बाद इसे दो लड़के मिले, जिनसे इसकी पांच मिनट तक बात होती रही। पांच मिनट के बाद एक लड़का चला गया और जितेंद्र दूसरे लड़के के साथ बैंक के पड़ोस की गली में घुस गया।
जब फुटेज में जितेंद्र दोषी पाया गया तो पुलिस ने इससे कड़ाई से पूछताछ की। इस पर जितेंद्र ने बताया कि उसने रुपये अपने घर भेजवा दिए। फिलहाल जितेंद्र पुलिस हिरासत में है। समाचार लिखे जाने तक जितेंद्र के कब्जे से रुपये बरामद नहीं हुए हैं।