शमसाबाद। थाना क्षेत्र के गांव दुधाह में सोमवार की सुबह चूल्हे पर चाय बनाते समय उठी चिंगारी से आठ घर जल गए। ग्रामीणों ने चिलसरा चौकी पुलिस को सूचना दी। ग्रामीण डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके। हजारों रुपये का गल्ला और घरेलू सामान जल गया। पीड़ितों का कहना है कि तहसीलदार को घटना की सूचना दी गई लेकिन मौके पर न तो तहसीलदार और न ही कानूनगो व लेखपाल आए।
सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे कामता प्रसाद की पत्नी जमुना देवी कच्चे घर में बने चूल्हे पर चाय बना रही थी। इसी दौरान चूल्हे की चिंगारी छप्पर पर जा गिरी। हवा चलने के कारण आग ने पड़ोसी रामऔतार, राजेश कुमार, रामनिवास, रतिराम, रामसेवक, पप्पू और राजपाल के छप्परों को भी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना चिलसरा चौकी में दी।
चिलसरा चौकी पुलिस ने फायरब्रिगेड को सूचना देना मुनासिब नहीं समझा। इसके चलते फायरब्रिगेड नहीं पहुंच सकी। ग्रामीण पंपसेट चलाकर बाल्टियों से पानी भर-भरकर आग बुझाने में जुट गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक अग्निपीड़ितों का सारा घरेलू सामान और गल्ला जल चुका था।
कामता प्रसाद ने बताया कि तीन हजार रुपये, सोने-चांदी के जेवर, घरेलू सामान, रामऔतार का पंपसेट, 10 पैकेट धान, आठ बोरा गेहूं, दो बोरा आलू, घरेलू सामान, राजेश कुमार के 20 बोरा धान, दस बोरा गेहूं, घरेलू सामान, रामनिवास के 15 बोरा धान, आठ बोरा गेहूं, घरेलू सामान, रतिराम के 15 बोरा धान, छह बोरा गेहूं, घरेलू सामान, रामसेवक के दस बोरा धान, चार बोरा गेहूं, घरेलू सामान, पप्पू के छह बोरा धान, चार बोरा गेहूं, घरेलू सामान और राजपाल के दस बोरा धान, चार बोरा गेहूं तथा घरेलू सामान जल गया।
अग्निपीड़ितों का कहना था कि उन्होंने कायमगंज तहसीलदार को घटना की सूचना दी थी लेकिन मौके पर कोई भी राजस्वकर्मी नहीं आया। अग्निपीड़ितों ने जिलाधिकारी से आर्थिक सहायता दिलवाए जाने की मांग की है। सूचना मिलने पर चिलसरा चौकी इंचार्ज ईनाम सिंह घटनास्थल पर पहुंचे।