एक बार फिर आसमान से बरसी आफत ने किसानों को तबाही का मंजर दिखा दिया है।
रविवार की रात से शुरू हुई बरसात ने किसान की रही सही उम्मीद भी खत्म कर
दी। रात से सोमवार की सुबह तक जिले में 18.4 मिलीमीटर बरसात हुई है। इससे
तंबाकू और गेहूं में तगड़े नुकसान की आशंका है।
मार्च मे पहले, तीसरे
सप्ताह और महीने की अंतिम तारीखों में हुई बरसात ने किसानों को रास्ते पर
ला दिया है। रविवार की रात और सोमवार की सुबह सदर तहसील इलाके में 8.7
मिलीमीटर, कायमगंज तहसील इलाके में 6.4 तो अमृतपुर तहसील इलाके में 3.6
मिलीमीटर बरसात हुई है। कृषि विशेषज्ञ अतर सिंह यादव का कहना है कि बरसात
से गेहूं के दाने में काले
दाग आने की नौबत है। तंबाकू के पत्ते पीले पड़
जाएंगे। इससे खासा नुकसान होगा। बरसात के बाद धूप निकलने पर खेतों में लगे
आलू के सड़ने की आशंका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में
1,42,094 हेक्टेयर में फसल बोई गई थी। इसमें से 20430 हेक्टेयर की फसल इस
माह हुई बरसात से प्रभावित हुई है। राजस्व विभाग के सर्वे में 539 किसानों
की फसल में 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान मिला है। 7692 किसानों की फसल में 29
फीसदी से 49 फीसदी नुकसानी पाई
गई। एडीएम मनोज सिंघल का कहना है कि सर्वे
हो गया है। मानकों के दायरे में आने वालों के लिए मुआवजा की कार्रवाई की
जा रही है। फसलों की तबाही से किसानों की जिंदगी पर बन सकती है। फसल
तबाह होने के सदमे में 15 मार्च को
घुरुआ गांव के किसान रामकिशोर, 21
मार्च को अमृतपुर केे सुरेश और 25 मार्च को रायपुर में किशनपाल की बेवा
सुनीता देवी की मौत हो गई थी। फसल में नुकसान पर ही 20 मार्च को आसलपुर
पुठरी के किसान सुधाकर पाल और 28 मार्च को खंडौली के रामबिहारी ने फसल की
नुकसानी पर फांसी लगा ली थी।
गेहूं बर्बाद, कर्ज में किसान
फिर से हुई बरसात से गेहूं की फसल को 20 से 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
जिनके खेतों में पानी भरा है, उनका सबसे ज्यादा नुकसान होगा। गेहूं की बाली
खेत में ही गिर गई है। किसान महेश कुमार सिंह, रामशंकर यादव, सुरेंद्र
सिंह, महेश कुमार सिंह, विश्राम सिंह और रामबहादुर ने बताया कि उन लोगों ने
केसीसी ऋण लेकर गेहूं की फसल बोयी थी। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बरसात
से फसल को नुकसान हुआ ही था। जो फसल बची थी वह इस बरसात में बर्बाद हो गई।
50 प्रतिशत गेहूं की फसल नष्ट
रविवार रात आई तेज आंधी से गेहूं की फसल खेतों में पसर गई। इसके बाद हुई
बरसात से बालियां टूटकर खेत में ही गिर पड़ीं। तहसील क्षेत्र के गांव
करनपुरदत्त निवासी किसान वीरभान का कहना है कि एक एकड़ गेहूं की बुवाई में
करीब आठ हजार रुपये की लागत आई थी। बरसात से करीब 50 प्रतिशत फसल नष्ट हो
गई है। इससे सिर्फ लागत ही निकलेगी। अमृतपुर निवासी जितेंद्र सिंह का कहना
है कि गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है।
पका गेहूं खेतों में पसरा
खिमसेपुर के किसान सुरेशचंद्र पाल ने बताया कि उन्होंने 10 बीघा खेत में
गेहूं की फसल की थी। सारी फसल खेतों में ही पसर गई है। बालियां टूट गई हैं।
मनोज कुमार निवासी कमालपुर कहते हैं कि उन्होंने 14 बीघे में गेहूं की फसल
की है। एक-दो दिन में कटाई करने वाले थे। लेकिन बरसात से गेहूं की बालियां
टूटकर गिर पड़ी हैं। खेतों में पानी भरा है। इससे
गेहूं काला पड़ने का डर
है। फिर बरसात गई तो गेहूं सड़ भी सकता है। अलावलपुर के दिलीप चंदेल,
शेखपुर रमेशचंद्र राजपूत कहते हैं कि हवा और बरसात से गेहूं पसर गया है।
काफी नुकसान हुआ है। ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि अब बरसात न हो,
जिससे जो कुछ गेहूं तो घर ले जा सकें।
तंबाकू व गेहूं की फसल बर्बाद
गांव नगला नान निवासी किशनचंद्र पाठक ने बताया कि उन्होंने केसीसी ऋण लेकर
15 बीघे में गेहूं और 10 बीघे में आलू की फसल की थी। पिछले दिनों हुई
बरसात से आलू खेत में ही सड़ गया था। गेहूं से उम्मीद थी लेकिन रविवार रात
आंधी और बरसात से गेहूं को खासा नुकसान हुआ है। अब कर्ज कैसे चुकाएंगे।
फरीदपुर मंगलीपुर के कालीचरन कहते हैं कि 12
बीघे में तंबाकू की थी। बरसात
से पत्ते पीले पड़ने के साथ टूटकर खेत में ही गिर गए हैं। लागत निकलना
मुश्किल लग रहा है। हवलदार निवासी चीटन नगला ने कहा कि छह बीघे में तंबाकू
और चार बीघे में आलू किया था। बरसात से आलू पहले ही बर्बाद हो गा खा।
उम्मीद तंबाकू की फसल से थी लेकिन इस बरसात ने इसे भी चौपट कर दिया।
उन्होंने बताया कि मई-जून में दो बेटियों की शादी करनी थी। फसल बर्बाद होने
से कर्ज के साथ ये संकट भी खड़ा हो गया है।
सड़ जाएगी खेतों में खड़ी फसल
स्थित खेतों में पानी भर गया है। इससे गेहूं की फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई
है। बरतल निवासी रामसिंह राठौर कहते हैं कि आठ बीघे में गेहूं किया था।
बीती रात हुई बरसात इसके सड़ने की आशंका सताने लगी है। दिनेश यादव निवासी
मई रशीदपुर का कहना है कि दो बीघे खेत में खड़े गेहूं दो दिन पहले ही
कटवाया था। फसल खेत में पड़ी थी। बरसात से पूरी
फसल भीग गई। राजबहादुर
निवासी डबौआ कहते हैं कि उन्होंने आठ बीघा खेत उगाही पर चार हजार रुपये की
दर से लिया था। 20 से 30 प्रतिशत गेहूं पिछले दिनों ओलावृष्टि और बरसात में
नष्ट हो गया है। बचीखुची इस बार नष्ट हो गई। नेकराम निवासी दौलतपुर कहते
हैं कि उन्होंने 10 बीघा खेत में तंकाबू की थी। दो दिन पहले तंबाकू के
पत्ते तोड़कर खेत में ही डाल दिए थे। बीती रात हुई बरसात से सभी पत्ते भीग
गए। इससे तंबाकू खराब हो जाएगी।
फसल खेत में ही पसरी
शेखपुर के रहने वाले नौशाद अली, घनश्याम अवस्थी निवासी सुल्तानपुर कहते
हैं कि उन्होंने खेत में मक्का की फसल की है। बीती रात आई आंधी व बरसात से
फसल खेत में ही पसर गई। इससे करीब 10 से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ है। शशिभूषण
निवासी रजीपुर का कहना है कि आंधी व बरसात के चलते गेहूं की फसल खेत में
ही बिछ गई है। किसान श्यामशरन यादव का कहना है कि आंधी और बरसात से गेहूं
की फसल को नुकसान हुआ है।