फर्रुखाबाद। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि रामचरित मानस हो अथवा अन्य कोई धर्म ग्रंथ, सभी आस्था के केंद्र हैं। इन पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इन पर धर्मगुरु अथवा धार्मिक विद्वान ही आपसी चर्चा करें। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की नाकामी पर भी सवाल खड़े किए।
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद जिले में दो दिनी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। रविवार सुबह गुदड़ी स्थित एक स्कूल में पत्रकारों से कहा कि रामचरित मानस, कुरान पाक, गुरुग्रंथ साहिब अथवा अन्य किसी धर्मग्रंथ पर किसी को भी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। यह आस्था से जुड़े ग्रंथ हैं।
यह भारत की संस्कृति और सभ्यता से जुड़ा है। जरूरी होने पर धर्मगुरु अथवा धार्मिक विद्वान ही आपस में चर्चा कर सकते हैं। किसी को भी आस्था पर सवाल नहीं खड़े करने चाहिए। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो कार्यक्रम लोगों से जुड़ने के लिए है। हमें जनता की बात सुननी और अपनी बात बतानी है। उन्होंने माना कि कांग्रेस के सामने चुनौतियां बड़ी हैं। आज की सरकारें महंगाई, बेरोजगारी पर बात नहीं करतीं। जी-20 इस सरकार की उपलब्धि नहीं। कांग्रेस ने शुरुआत की थी। हां वे इसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार का स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा कि पोस्टर में गरीबी हटाई जा रही है। सवाल किया कि कहां है स्वच्छ भारत, किसे दिया रोजगार, महंगाई ने कमर तोड़ दी, फिर भी सरकार क्यों नहीं बोलती।
कहा कि आज तक किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। एक सवाल पर अग्निपथ का फैसला भी गलत करार दिया। कहा कि हम भी गंगा को मां मानते हैं। यहां धर्म कोई भी हो, संस्कृति सबकी एक ही है। भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बुल्डोजर अच्छाई के लिए भी है, मगर उसका बुराई के लिए प्रयोग करना गलत है। आने वाले दिनों में वह सभी पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के पक्ष धर हैं।
वह शहर और कमालगंज विधानसभा क्षेत्र के कई कार्यक्रमों में पहुंचे। उनके साथ जिलाध्यक्ष मनोज गंगवार, पुन्नी शुक्ला, अनिल मिश्रा, मृत्युंजय शर्मा आदि थे।