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राम की नगरी की शान बनीं शोभायात्राएं

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रामनगरिया मेले में गंगा मइया की पूजा करते साधु। - फोटो : FARRUKHABAD
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राम की नगरी की शान बनीं शोभायात्राएं
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फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर निकाली जा रहीं शोभायात्राएं मेला रामनगरिया की शान बनीं हैं। मंगलवार को निकाली गई शोभायात्रा में शामिल देवों की स्वरूपों और संतों पर भक्तों ने फूलों की वर्षा होती रही। शोभायात्रा में शामिल संत करतब दिखाते चल रहे थे। समापन का समय करीब आने के साथ ही बाजार और मनोरंजन क्षेत्र में भीड़ बढ़ती जा रही है।
मेला रामनगरिया पांच दिन और है। मंगलवार को बरगदिया घाट आश्रम अखिल भारतीय श्रीपंच तेरा भाई त्यागी खालसा से महंत बाबा बालक दास महाराज की अध्यक्षता में शोभायात्रा निकाली गई। इसमें गुरुजी व ठाकुरजी महाराज पालकी पर विराजमान थे। भक्तजन ठाकुरजी महाराज पर पुष्प वर्षा कर रहे थे। सबसे आगे संत वीर हनुमान के तीन निशान लेकर चल रहे थे। जय श्रीराम, जय हनुमान, हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। बैंडबाजों की धुन पर साधु-संत महिलाएं झूम रही थीं।
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शोभायात्रा में खुली गाड़ी से अयोध्या से आए महामंडलेश्वर बृजमोहन दास सवार थे। बाबा विष्णु दास थाल में फूल रखकर चक्र की तरह घुमा कर फूलों की बरसा कर रहे थे। गंगा में साधु संतों ने वीर हनुमान के निशानों को शाही स्नान कराया। इसके बाद गंगा मैया की पूजा अर्चना कर आचमन किया। शोभायात्रा परिक्रमा रास्ते से होते हुए आश्रम पर विसर्जित हुई। वहां प्रसाद बांटा गया। श्याम सुंदर दास, जगदीश दास, फूल दास, गंगा दास, दीनदयाल दास आदि शामिल रहे।
बटेश्वर धाम से महंत नारायण दास की अध्यक्षता में भी शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों की धुन पर साधु-संत तरह-तरह के करतब दिखा रहे थे। राम नाम का संकीर्तन करते हुए शोभायात्रा गंगा के तट पर पहुंची। वीर हनुमान निशानों को शाही स्नान कराया गया। पूजा अर्चना के बाद शोभायात्रा का अपने क्षेत्र में समापन किया गया। भक्तजनों को प्रसाद बांटा गया। शोभायात्रा में महंत गोपाल दास, महंत हरिदास दास, महंत श्याम किशोर दास, प्रेमदास, मुन्नादास आदि मौजूद रहे।
मेले में हुआ संत सम्मेलन
मेला के सचिव के कार्यालय में अयोध्या के महामंडलेश्वर बृजमोहन दास की अध्यक्षता में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। एसडीएम अनिल कुमार व मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित ने संतों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। वैष्णव संप्रदाय के अध्यक्ष बाबा बालक दास ने मेले का इतिहास बताया। दंडी स्वामी के अध्यक्ष राम प्रकाश ने भी संतों के बारे में प्रकाश डाला है। राम जन्मभूमि के अखिल भारतीय श्रीपंच तेरहा भाई त्यागी खालसा के महंत बृजमोहन दास महराज ने माघ मास के बारे में बताया।
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कहा कि मेले में जो समितियां बनी हैं उनमें कोई मतभेद नहीं है। संत किसी भी अखाड़े का हो, एक है। जब परिवार बढ़ता है, तो मनमुटाव हो जाता है। संत किसी भी टोली में रहे, लेकिन हम सब एकजुट हैं और रहेंगे। जो दूर हैं उन्हें हम पास लाएंगे। बाबा बालक दास, बाबा विष्णु दास, श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्य गिरी महाराज, श्यामसुंदर दास, जगदीश दास, सेवाराम दास, नारायण दास, मनोज दास आदि मौजूद रहे।
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