फर्रुखाबाद। जूना अखाडे़ के नागा संतों ने मेला व्यवस्थापन का घेराव कर उन्हें 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इस दौरान नागा साधुओं ने शक्ति प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
मेले में कल्पवास कर रहे अमैयापुर क्षेत्र जूना अखाडे़ के संतों ने सोमवार को जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान नागा साधुओं ने 11 सूत्री मांग पत्र मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि कल्पवास क्षेत्र के पास ही शवों का दाह संस्कार किया जा रहा है।
कल्पवास क्षेत्र से 200 मीटर दूर शवदाह के लिए स्थान चिह्नित किया जाए। गंगा में गिरने वाले नाले को अविलंब बंद करने, मेले में संतों को पूर्व की भांति सुविधाएं दिए जाने, वाहन स्टैंड वसूली बंद करने, मेला क्षेत्र में मादक पदार्थों का सेवन बंद करने, मेले में ठेकेदारी प्रथा बंद करने, मेले की दुकानों पर रेट लिस्ट टांगने, और संत समिति की मोहर को मेले में मान्यता देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मेला प्रारंभ होने से पहले मेले में कल्पवास करने के लिए आने वाले सभी संप्रदाय के अध्यक्षों से जिलाधिकारी चर्चा कर मेले का संचालन करवाएं। ज्ञापन देने वालों में महंत सत्य गिरी, हनुमान गिरी, मंगला गिरी, मौनी बाबा, काशी पुरी, गंगेश्वर पुरी आदि मौजूद रहे।
सोमवती अमावस्या को निकलेगी शोभायात्रा
मेला रामनगरिया में सोमवती अमावस्या पर वैष्णव संप्रदाय की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महंत बालकदास और सतीशदास ने बताया कि यात्रा में संप्रदाय के सभी संत शामिल होंगे। मेला क्षेत्र में लगे आश्रम पर सोमवार को तैयारी बैठक कर बाबा बालक दास ने सभी को दायित्व सौंपे। उन्होंने कहा कि मेले में वाहन स्टैंड के ठेके को समाप्त कर देना चाहिए। कहा कि गंगा स्नान करने के लिए आने वाले कल्पवासियों से अवैध वसूली हो रही है।