ब्लाक क्षेत्र के गांव नगला घुरुआ में कुदरत के कहर ने किसान की जिंदगी छीन
ली। शनिवार रात हुई बरसात के दौरान खेत में लगे आलू का ढेर ढकने गए किसान
की फसल खराब होने के सदमे में मौत हो गई। जानकारी मिलने पर रविवार सुबह
तहसीलदार व अन्य अफसर किसान के घर पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से
इनकार कर दिया।
गांव नगला घुरुआ निवासी रामकिशोर (46) पुत्र स्व. लाखन
सिंह के 10 बीघा खेत है। उसने इस बार आलू की फसल की थी। पिछले दिनों हुई
बरसात से आलू की फसल खुदाई के दौरान खराब निकली थी। इससे लागत निकलना भी
मुश्किल लग रहा था। इससे रामकिशोर परेशान रहने लगा। परिजनों के मुताबिक
रामकिशोर ने आलू खोदकर खेत में ही लगा दिए थे। शनिवार को भी सुबह से ही
मौसम खराब हो गया। रात को बारिश होने लगी। इस पर वह आलू ढकने के लिए खेत
चला गया। काफी देर
तक जब वह नहीं लौटा तो करीब 11.30 बजे परिजन खेत पर
पहुंचे। यहां वह आलू के ढेर के पास मृत पड़ा था। घटना की जानकारी मिलने पर
रविवार सुबह तहसीलदार संजीव ओझा, नायब तहसीलदार चूणामणि और कानूनगो गंगाशरण
मौके पर पहुंचे।
तहसीलदार को मृतक की पत्नी मीना देवी ने बताया कि बरसात
में आलू की फसल खराब होने के सदमे से पति का हार्ट फेल हो गया। पत्नी ने
पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। तहसीलदार संजीव ओझा ने बताया कि
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। इसके चलते आर्थिक
सहायता नहीं मिल सकेगी।