फर्रुखाबाद युवा महोत्सव के तहत हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी-अपनी
रचनाएं सुनाईं। इस दौरान गीत भी सुनाए गए। स्टेट बैंक रोड स्थित डा. ओपी
सभागार में आयोजित कवि गोष्ठी का शुभारंभ इटावा से आए कवि आशीष बाथम ने
सरस्वती वंदना से किया। शिवओम अंबर ने रचना सुनाई, जन्म लेती है अलकनंदा
गजल की, दर्द का कोई हिमालय गल रहा
है। संचालन कर रहे डा. कृष्णकांत अक्षर
ने पानी-पानी कर दे कठोर चट्टानों को भी, पानी में आग लगाए जवानी उसको कहते
हैं रचना सुनाई। इसके अलावा अनिल मिश्र, स्मृति अग्निहोत्री, भारती
मिश्रा, प्रीती तिवारी, ब्रजकिशोर सिंह किशोर, उपकार मणि उपकार, रामअवतार
शर्मा, कौशलेंद्र, निमिष टंडन, महेंद्र तिवारी और राजेश हजेला ने काव्य पाठ
किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिस्वरूप अग्निहोत्री ने की। इस अवसर पर
डा. कार्तिकेय राठौर, अमर सक्सेना, उत्तम कुमार, मनोज कुमार, सच्चिदानंद
मिश्र, वीरेंद्र त्रिपाठी और सुरेंद्र सिंह सोमवंशी आदि मौजूद रहे।