नवाबगंज। फार्मासिस्ट द्वारा रिसीव किए गए कंप्यूटर व प्रिंटर न दिए जाने से 50 लाख से तैयार की गई बीपीएचयू चालू नहीं हो सकी। एक माह पूर्व सीएमओ के निर्देश का भी फार्मासिस्ट पर कोई असर नहीं हुआ। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ ने पहुंचकर जांच की और एलटी के बयान दर्ज किए। सीएचसी नवाबगंज में करीब 50 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निर्माण कराया गया है। इससे मरीजों को जांच की बेहतर सुविधा मिल सके। इसके लिए जांच मशीनों के अलावा कंप्यूटर व प्रिंटर भी दिया गया था। कंप्यूटर से मरीज को जांच रिपोर्ट बनाकर दी जा सके। लैब का कंप्यूटर व प्रिंटर गायब है। गत माह सीएमओ ने फार्मासिस्ट को प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, इसके साथ ही आदेश का पालन न होने पर फार्मासिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की भी चेतावनी दी थी।
दोपहर को डिप्टी सीएमओ दीपक कटारिया सीएचसी में जांच करने पहुंचे। बीपीएचयू का भवन देखा तो कई कार्य अधूरे थे। बिजली की फिटिंग का कार्य भी पूरा नहीं कराया गया। उन्होंने डॉ.गौरव राजपूत से पूछताछ की। इसके बाद बीपीएचयू में कंपनी द्वारा भेजे गए लैब टेक्नीशियन लखन यादव से जानकारी ली। एलटी ने बताया कि फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव ने उन्हें कंप्यूटर, बैटरी व प्रिंटर उपलब्ध नहीं कराया है। इससे वह मशीनें इंस्टॉल भी नहीं कर पाए और कार्य अधूरा पड़ा है। कई बार फार्मासिस्ट को सामान उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने मौखिक और लिखित से कहा लेकिन फार्मासिस्ट की मनमानी के चलते लैब चालू नहीं हो सकी।
डिप्टी सीएमओ दीपक कटारिया ने बताया कि लैब की जांच करने के साथ ही एलटी लखन यादव बयान दर्ज करने के साथ लिखित भी ले लिया गया है। जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी। इसी के आधार पर सीएमओ दोषी के खिलाफ कार्रवाई तय करेंगे।