चीनी मिल में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार की जानकारी होने पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने मिल में काम बंद कर गेट पर बवाल शुरू कर दिया। साक्षात्कार में शामिल होने आए युवकों को खदेड़ दिया। बवाल की जानकारी मिलने पर सीओ मय फोर्स मौके पर पहुंचे।
कर्मियों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
दि किसान सहकारी चीनी मिल में सोमवार सुबह फिटर, वायरमैन, वाटरमैन, आपरेटर, फायरमैन, पैनमैन सहायक और फीड पंप आपरेटर आदि पदों के लिए साक्षात्कार होने थे। कुछ आवेदन मिल पर पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी आक्रोशित हो गए।
नाराज कर्मियों ने मिल का कामकाज ठप कर हंगामा शुरू कर दिया। इससे अफरा- तफरी मच गई। कर्मचारी हंगामा करते हुए मिल से बाहर निकल आए और मिल प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि वे 15-20 साल से काम कर रहे हैं।
ऐसे में नई भर्ती के बजाय उन्हें नियमित किया जाए। बवाल की जानकारी मिलते ही उप जिलाधिकारी अजीत कुमार, सीओ नरेश कुमार आसपास के आधा दर्जन थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने मिल जीएम अरुण निगम एवं साक्षात्कार लेने आए फेडरेशन के जीएम एटी एनके यादव से बातचीत की। कर्मचारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए।
इस पर जीएम ने गैर हाजिर करने की चेतावनी दी। फिर भी हंगामा होता रहा। इसके बाद एमडी से बात होने के बाद जीएम ने भरोसा दिया कि 10 से 15 साल नियमित काम करने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान पर रखा जाएगा। इस पर कर्मचारी शांत हुए।
जीएम ने बताया कि जिन नए कर्मचारियों को 144 रुपए के हिसाब से भुगतान हो रहा है उनके बीस रुपए बढ़ाकर 164 रुपये व 168 वालों का 174 रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी के यहां भेजा जाएगा। वहीं पुराने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन के लिए एमडी के यहां प्रस्ताव भेजा जाएगा।