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अफसर जागे, वार्ड ब्वाय के बेटे का हॉस्पिटल सीज

Thu, 23 Feb 2017 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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बंद अस्‍पपताल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को शहर के नौ नर्सिंग होम पर छापा मारा। इस दौरान मसेनी चौराहे स्थित वार्ड ब्वाय के बेटे के नारायन हॉस्पिटल को अमानक पाए जाने पर सीज कर दिया गया। वहीं, आठ नर्सिंग होमों में कमियां पाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उपमुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजीव शाक्य का कहना है कि अधिकांश नर्सिंग होम में एमबीबीएस डाक्टर नहीं पाए गए हैं।
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शहर में चल रहे अमानक नर्सिंग होम की खबर को अमर उजाला ने मंगलवार 22 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए सक्रिय हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजीव कुमार शाक्य और पटल लिपिक अभिषेक मिश्र को भेजकर मां शारदा नर्सिंग होम आवास विकास में छापा मारा। जहां न डाक्टर मिले और न ही यहां की ओटी ऑपरेशन योग्य पाई गई। अस्पताल मेें गंदगी का अंबार मिला। यही हाल जयकृष्णा, श्रीकृष्णा, श्री नारायन हॉस्पिटल, गायत्री हॉस्पिटल, प्रभा हॉस्पिटल और भारती हॉस्पिटल का रहा। कुलवंती हॉस्पिटल की ओटी में गंदगी पाई गई।


सीएमओ ने बताया कि छापे के दौरान अधिकांश अस्पतालों में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिले हैं। एमबीबीएस के न होने पर नर्सिंग होम चलाने का कोई अधिकार नहीं है। नारायन हॉस्पिटल मसेनी चौराहा के पास में न तो कागज पाए गए और न ही यहां डॉक्टर व मानक के अनुसार अन्य नर्सिंग स्टाफ मिला। गंभीर अनियमितताओं को पाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सीज किया है। शेष अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब न मिलने पर गुण दोष के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारायन हॉस्पिटल को मौजूदा समय में लोहिया अस्पताल में कार्यरत वार्ड ब्याय वेदराम के बेटे चला रहे थे।
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राममनोहर लोहिया अस्पताल में मौजूदा समय में दलालों का बोलबाला है। दबंग दलालों के सामने मुख्य चिकित्साधीक्षक ने हाथ खड़े कर दिए हैं। दलाल रात दिन लोहिया अस्पताल में सक्रिय हैं। गंभीर रोगियों को समझा बुझाकर अस्पताल के स्टाफ के मना करने के बावजूद उठा ले जाते हैं। इस संबंध में सीएमएस डीएम, एसपी और सीएमओ को पत्र भी लिख चुके हैं, कार्रवाई शून्य है। किस तरह से जिले में दलाल और सर्जन मिलकर अमानक नर्सिंग होमों का मनोबल बढ़ा रहे हैं, इस पर पेश है चंद्रपाल सिंह सेंगर की रिपोर्ट।
सीएमओ को पत्र लिखने के बाद भी नहीं मिले सुरक्षा गार्ड


फर्रुखाबाद। सोमवार की रात दलाल लोहिया अस्पताल से सात मरीजों को उठा ले गए और उन्हें अपने निजी नर्सिंग होमों में भर्ती कराया। लोहिया अस्पताल में यह क्रम कई वर्षों से चल रहा है। सीएमएस की माने तो उन्हें मांगने के बाद भी पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस वजह से वह यहां दलालों के कारनामों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं।
सीएमएस बीबी पुस्कर का कहना है कि उन्होंने 15 नबंवर 2016 को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा, जिसमें दो पुलिस कर्मियों को ड्यूटी पर लगाए जाने की मांग की, लेकिन उनके इस पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

इसके बाद उन्होंने 27 जनवरी  को मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा और जिसमें स्पष्ट किया कि दलालों द्वारा रोगियों को बहला फुसलाकर प्राईवेट नर्सिंग होम में ले जाया जाता है। इस कारण से आम जनमानस में चिकित्सालय की छवि धूमिल हो रही है। साथ ही गरीब रोगियों को भी इलाज का भारी खर्च उठाना पड़ रहा है। इस संबंध में उनके स्तर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।


सीएमएस के पत्र मिलने के बाद उसे संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया गया। पुलिस और प्रशासन चुनाव में व्यस्त होने के कारण फौरी तौर पर उस पर एक्शन नहीं ले सका। अब इस संबंध में जिलाधिकारी से बात करके दलालों के विरुद्ध तेजी से अभियान चलाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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डॉ. राकेश कुमार, सीएमओ।
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