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पानी जमने के करीब पहुंचा पारा, हाड़ कांपे

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कोहरे में साइकिल से जाता युवक। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। कड़ाके की ठंड से लोग परेशान हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम छह तक पहुंच जाने से हाड़ कांपने लगे। दिन भर सूर्य के दर्शन नहीं हुए। कोहरा भी दोपहर तक मुसीबत बना रहा। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया।
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रविवार सुबह से घना कोहरा छा गया। इससे सड़कों पर वाहन रेंगते रहे। पारा छह डिग्री पहुंच जाने से लोगों के हाड़ कांपने लगे। सुबह से कामकाजी लोग ही घरों से निकले। दोपहर 12 बजे कोहरा तो कम हुआ, मगर सर्दी और बढ़ गई।
शीतलहर से लोग कांप उठे। स्थिति यह रही कि पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। लिहाजा लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। चौक पर रोजाना काम के लिए पहुंचने वाले मजदूर भी काफी कम पहुुंचे। बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या काफी कम रही। सांझ ढलते ही बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
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शहर के घुमना से चौक तक लगे संडे बाजार में बेशुमार भीड़ रही। दोपहर बाद तो धक्का-मुक्की के हालात हो गए। भीड़ की मुख्य वजह हर तबके के हिसाब के कपड़े मिल जाने की वजह से लोगों की संख्या अधिक रही। सबसे ज्यादा गर्म कपड़े खरीदने में लोग लगे रहे। हर बार रात साढ़े नौ बजे तक लगने वाला बाजार अधिक ठंड की वजह से शाम आठ बजे तक पूरी तरह सिमट गया।
कड़ाके की सर्दी का असर कोयले की बिक्री पर पड़ा है। मांग बढ़ने से कारोबारियों ने दाम भी बढ़ा दिए। सामान्य दिनों और कम सर्दी में 20 रुपये किलो तक बिकने वाला कोयला रविवार को 40 रुपये किलो तक पहुंच गया। लिंजीगंज के कोयला कारोबारी आदेश कुमार ने बताया कि बिक्री में तेजी आई है। थोक में ही कोयले के दाम बढ़ गए हैं। लिहाजा अधिक रेट पर बेचना मजबूरी है।
मोहम्मदाबाद। कंपकंपाती सर्दी में भी किसानों को गेहूं की फसलों में पानी लगाना पड़ रहा है। किसानों का कहना रात में अन्ना गोवंश व नीलगाय से खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। खेतों में बने मचान पर पूरी रात जागकर काटनी होती है। सुबह ठंड में ही खेतों की सिंचाई करना मजबूरी है। बा्दल होने से आलू में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया। इससे किसानों को बड़ा नुकसान होगा।
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