खेत में गेहूं की उड़ी लांक को एकत्र करते अन्नदाता।
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कमालगंज। बुधवार की देर रात आई आंधी ने किसानों को झकझोर दिया है। एक तरफ जहां गेहूं की पैदावार आधे से भी कम हुई है। वहीं दूसरी तरफ देर रात आई आंधी किसानों के खेतों में रखे गेहूं के लांक उड़ाकर ले गई। किसान अपनी आजीविका के लिए उड़े हुए लांक को इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं।
एक तरफ खेतों में कम पैदावारी और दूसरी तरफ बुधवार रात कुदरत के कहर ने अन्नदाता किसान को फिर झकझोर दिया। थाना क्षेत्र के गांव कनकौली के नन्हें ने बताया कि उनका लगभग पांच बीघा गेहूं की लांक खेत में कटी पड़ी थी।
बुधवार देर रात आई आंधी से उनकी खेत में पड़ी लांक उड़ गई। इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। इसी गांव के प्रदीप सिंह ने बताया कि उनके लगभग 10 बीघा खेत में पड़े गेहूं की लांक के बोझ दूसरे के खेतों में उड़कर चले गए हैं।
लेवर लगाकर लांक इकट्ठा करने की दोहरी मार उन पर पड़ रही है। गदनापुर निवासी कल्लू ने बताया कि उनके लगभग तीन बीघा खेत में पड़ी लांक आंधी में उड़ गई। अब वह बची लांक को इकट्ठा करने में लगे हैं।