गोष्ठी में मक्का की मंदी का मुद्दा छाया, सरकारी खरीद की मांग
कमालगंज। किसानों को फसलों व अन्य योजनाओं की जानकारी देने के लिए बुधवार को नवीन मंडी में आयोजित खरीफ फसल गोष्ठी में किसानों ने मक्का की मंदी का मुद्दा उठाया। किसानों ने कहा कि सरकार एक ओर कह रही है कि समर्थन मूल्य योजना खत्म नहीं होगी। दूसरी ओर खरीद शुरू न होने से दलाल 1100 रुपये प्रति क्विंटल मक्का खरीद रहे हैं। मक्का की मंदी से किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर आधी रह गई है। कांट्रेक्ट (अनुबंधित) खेती पर भी सवाल उठे।
मंडी स्थित राजकीय कृषि रक्षा इकाई केंद्र के बाहर पंडाल में खरीफ गोष्ठी हुई। इस समय रबी की मुख्य फसल आलू की बुवाई चल रही है। फसलें होने के बाद खरीफ गोष्ठी करने पर किसानों ने सवाल उठाए। आलू से संबंधित उद्यान विभाग के अधिकारी भी नदारद रहे। विशेषज्ञों ने भाषण की घुट्टी पिलाई। किसानों को पेन व पैड भी नहीं दिए गए। आलू के लिए खेत की तैयारी, बीज शोधन व अन्य जानकारी से संबंधित मुद्रित सामग्री नहीं दी गई।
कोहनी नगला के किसान अहिलकर ने कहा कि बिचौलिये मक्का 1100 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहे हैं। पिछले बार 2200 में बिकी थी। सरकार ने मक्का का सरकारी खरीद रेट 1760 से बढ़ाकर 1850 कर दिया लेकिन खरीद का अता-पता नहीं है। सरकार कब खरीदेगी, पता नहीं।
शेखपुर के किसानों ने कहा कि राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर आलू के लिए जरूरी दवाइयां आदि ट्राइकोडर्मा, विवेरिया बेसियाना, कारवांडा जिम, मैकॉन्जेब, थीरम, नीम आयल आदि का स्टॉक नहीं है। किसानों को खुले बाजार से महंगा सामान खरीदना पड़ रहा है। उप कृषि निदेशक राजकुमार ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए कार्य कर रही है। डॉ. महेंद्र, डॉ. अरविंद, डॉ. सुशील, जगदीश कटियार, डॉ. आदेश, संजय राजपूत, शैलेंद्र ,सतेंद्र आदि भी मौजूद रहे।