फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 68 लाख रुपये के गबन का खुलासा होने के बाद अभी जांच जारी है। इसमें अभी कई किसान, बीमा कंपनी के कर्मचारी व बैंक प्रबंधकों के फंसने के आसार हैं। जांच अंतिम दौर में चल रही है।
जनपद में वर्ष 2024 में रबी सीजन में 8,849 किसानों का एचडीएफसी एर्गो कंपनी ने फसलों का बीमा किया था। फसलों में नुकसान होने पर 232 किसानों के खाते में दो करोड़ 28 लाख रुपये मुआवजा दिया गया। इसमें बीमा कंपनी के कर्मचारियों व बैंक शाखा प्रबंधकों की मिलीभगत से बड़ा गोलमाल हुआ था। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने तीनों तहसीलों में नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की अलग-अलग कमेटी गठित कर एक लाख से अधिक भुगतान वाले किसानों की जांच कराई।
इसमें 32 भूमिहीन किसानों के खाते में 68 लाख रुपये भेजकर गबन का खुलासा हुआ। इस पर उपकृषि निदेशक ने फसल बीमा कंपनी के तीन कर्मचारी, बैंकों के नौ शाखा प्रबंधकों व 32 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। अब शेष बचे अन्य किसानों के खाते में भेजी जाने वाली धनराशि की भी कमेटी से जांच चल रही है। इसमें भी गोलमाल की परतें खुलना तय है।
जांच कमेटी फसल बीमा का लाभ लेने वाले 180 किसानों की कुंडली खंगाल रही है। इसमें ब्लॉक बढ़पुर के 41, कायमगंज के 14, कमालगंज व मोहम्मदाबाद के 25-25, नवाबगंज के 7, राजेपुर के 47 व शमसाबाद के 31 किसान शामिल हैं। पता चला है कि इनमें भी कई किसान भूमिहीन हैं। इसके अलावा ऐसे किसान भी शामिल किए गए हैं जिनकी जमीन गंगा की रेती में होने से उसमें फसल होती ही नहीं है। उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि शेष सभी किसानों की चल रही जांच अंतिम दौर में हैं। शीघ्र ही खुलासा होने पर नियम विरुद्ध भुगतान देने व लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।