फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोट बदलने की मारामारी बैंको में अब भी जारी

Sat, 12 Nov 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
विज्ञापन
500 व 1000 के नोट बदलने को लेकर अभी भी मारामारी जारी है। बैंकों के अंदर से लेकर सड़क तक लंबी-लंबी कतारें लगी है। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
500 व 1000 के नोट बदलने को लेकर अभी भी मारामारी जारी है। बैंकों के अंदर से लेकर सड़क तक लंबी-लंबी कतारें लगी है।
विज्ञापन


बदलने के बजाए अधिकतर बैंकों में सिर्फ नोट जमा ही किए जा रहे है। पुलिस अपनी मौजूदगी में ग्राहकों से नोट जमा करवाए

भारतीय स्टेट बैंक में पांच-पांच व दस-दस के सिक्के दिए जा रहे है। यही नहीं रुपये जमा करने के लिए भरी जाने वाली जमापर्ची भी बैंकों के बाहर दुकान लगाए दुकानदार फोटोकापी कराकर दो-दो रुपये में बेच रहे है।


500 व 1000 के नोट जमा करने के लिए डाकघरों में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। शनिवार को रेलवे रोड स्थित डाकघर पंडाबाग दोपहर 12 बजे ही बंद हो गया।

इसको लेकर ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि डाकघर में आरडी और पीएलआई का धन भी जमा नहीं किया जा रहा है।


बैंकों और डाकघरों में 500 व 1000 के नोट जमा करने के आदेश केंद्र सरकार ने दे रखे हैं। लेनिक डाकघर कर्मी जमकर लापरवाही भी बरत रहे हैं। ऐसा ही नजारा रेलवे रोड स्थित डाकघर पंडाबाग में देखने को मिला। यहां शनिवार सुबह से ही नोट जमा करने के लिए ग्राहकों की भीड़ लग गई।
विज्ञापन


डाकघर खुलने के बाद कर्मचारियों ने 500 और 1000 के नोट बदलने तो शुरू किए लेकिन दोपहर 12 बजे ही डाकघर बंद कर दिया। इसको लेकर ग्राहकों का डाकघर कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और डाकघर बंद कर चले गए।
विज्ञापन


रामकुमार, पप्पन त्रिपाठी, रामकिशन और दुलारी देवी आदि का कहना था कि दोपहर 12 बजे ही डाकघर बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरडी और पीएलआई का धन भी डाकघर कर्मचारियों ने जमा करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें