कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव भवानी नगला में मंगलवार की रात पिता ने ही अपने इकलौते बेटे को गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारा बाप घटनास्थल पर बंदूक छोड़कर फरार हो गया। पुत्रवधू ने अपने ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव भवानी नगला के रहने वाले पूर्व फौजी रामदास प्रजापति और उसके बेटे सुरजीत के बीच अनबन रहती थी। सुरजीत गैसिंगपुर गैस प्लांट में ट्रक चलाने का काम करता था। पिछले कई दिनों से वह काम पर नहीं जा रहा था। इसको लेकर मंगलवार को पिता से कहासुनी हो गई।
कहासुनी होने पर सुरजीत ने पहले मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन उसके चचेरे भाई राजीव ने उसे पकड़ लिया और बहलाने के लिए खेत की तरफ ले गए। जब वह घर पहुंचा तो रामदास ने उससे फिर गालीगलौज किया। दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। सुरजीत पिता पर पत्थर फेंकने लगा और रामदास बेटे को मारने के लिए लोहे की राड ले आया।
मौके पर मौजूद रामदास के भाई चंद्रमोहन और उसके पुत्र राजीव और रवि ने सुरजीत को बचा लिया। इसके बाद रामदास बंदूक लेकर छत पर चढ़ गया। मौका पाकर सुरजीत भी जीने के रास्ते से छत पर पहुंच गया। जैसे ही वह छत के ऊपर पहुंचा तो पिता ने अपनी बंदूक से उसके सीने में गोली दाग दी।
गोली लगते ही सुरजीत गिरा तो पिता ने कनपटी पर बंदूक रखकर फायर कर दिया, जिससे उसके चिथड़े उड़ गए। बेटे की हत्या करने के बाद फौजी अपनी लाइसेंसी बंदूक को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर तकरीबन दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो सुरजीत की पत्नी सुधा ने पुलिस को असलियत बताई।
पुलिस ने सुधा की तहरीर पर बेटे के हत्यारे पिता रामदास के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गोली लगना बताया जा रहा है। पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। घटनास्थल पर चार खोखे बरामद हुए हैं। इन सभी को सील कर दिया गया है।