विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी ने राज्य वित्त एवं तेरहवें
वित्त आयोग से कराए गए विकास कार्यों को लेकर मातहतों के साथ चर्चा की।
उन्होंने मातहतों से हिसाब-किताब मांगा। लेखाजोखा न दिखा पाने पर उन्होंने
ग्राम निधि के प्रथम खाते से धन आहरण पर रोक लगा दी।
मंगलवार को विकास
भवन सभागार में सीडीओ एसएन शुक्ला ने एडीओ पंचायत व सचिवों के साथ बैठक की।
यहां जिले की ग्राम सभाओं में कराए गए विकास कार्यों का लेखाजोखा मांगा तो
कोई भी नहीं दिखा सका। इस पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि के
प्रथम खाते पर धन आहरण पर रोक लगा दी है। सीडीओ ने निर्देश दिए कि एक
सप्ताह में पूरे
अभिलेख तैयार कर दिखाएं। अभिलेखों को एडीओ पंचायत के
माध्यम से भिजवाना सुनिश्चित करें। धनराशि तभी आहरित होगी, जब वह पांच साल
के ब्यौरे की स्थिति बता देंगे। सीडीओ ने स्कूलों में बने शौचालयों की
मरम्मत पर भी चर्चा की। इसके साथ ही बीआरजीएफ के अंतर्गत निर्गत धन के बारे
में भी ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने लोहिया गांवों में बन रहे
शौचालय की स्थिति की जानकारी ली। कहा कि प्रधानों से खातों में जमा शौचालय
निर्माण का धन जमा करवाया जाए।
उन्होंने खंड विकास अधिकारी
मोहम्मदाबाद रामानंद भार्गव को हटाकर विकास भवन स्थित मनरेगा सेल से अटैच
कर दिया। वहीं कायमगंज खंड विकास अधिकारी विमला देवी को शमसाबाद का चार्ज
सौंपा है। 28 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से
चालू वित्तीय वर्ष में कोई
कार्य न कराए जाने पर इन गांवों के ग्राम पंचायत अधिकारियों और सचिवों की
द्विवार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगाने के निर्देश दिए। कार्यालय के बाहर
गुटखा थूकने पर सीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी रवींद्र सिंह को प्रतिकूल
प्रविष्टि जारी की। बैठक में डीपीआरओ गिरीशचंद्र आदि मौजूद रहे।
सीडीओ ने तलब की डाटा इंट्री
मुख्य विकास अधिकारी एस नारायण शुक्ला ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2015
के लिए मतदान एवं मतगणना कार्मिकों की डेटा इंट्री सूची तलब की है। जिला
अर्थ एवं संख्याधिकारी, सहायक निदेशक सूचना, जिला क्रीड़ाधिकारी, परियोजना
अधिकारी डूडा,प्रबंधक उत्तर प्रदेश राजय कर्मचारी कल्याण निगम, संपत्ति
प्रबंध अधिकारी, 4 यूपी गर्ल्स बटालियन, 12 यूपी
बटालियन एनसीसी फतेहगढ़,
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, नेहरू युवा
केंद्र और जिला मनोरंजन कर अधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि
अधिकारी एवं कर्मचारी डाटा इंट्री पूर्ण करके सूची समय से उपलब्ध करा दें।
कार्यालय में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों से संबंधित सभी जानकारी
निर्धारित प्रारूप पर 12 अगस्त
कर जिला एवं संख्याधिकारी कार्यालय में
उपलब्ध करा दी जाए। अधिकारियों को किसी कर्मचारी का नाम न छोड़े जाने का
प्रमाण पत्र भी देना होगा।