गंगा पार कर जानवर चराने जा रहे बालक की गंगा के कुंड में डूबकर मौत हो गई। साथ गए बच्चों के जानकारी देने पर परिजनों ने तीन घंटे बाद शव को बाहर निकाला। परिजन, मृतक के शरीर पर नीले रंग की धारियां देखकर हत्या की आशंका जता रहे हैं। ये लोग गुरुवार को शव को लेकर कोतवाली पहुंचे। मृतक के पिता ने गांव के छह लोगों पर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
क्षेत्र के गांव च्योलारा निवासी संतोष लोधी पिछले एक साल से अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ कु अंाखेड़ा चौकी अंतर्गत स्थित अपनी ससुराल भुक्सा में रह रहा है। एक साल पहले उसकी सास की मौत हो गई थी। किसी मामले में साले महेश और रमेश के जेल चले जाने के बाद संतोष अपने परिवार सहित ससुराल में जाकर बस गया था।
बुधवार को संतोष का 12 वर्षीय पुत्र रोहित गांव के अन्य बच्चों के साथ दोपहर 3 बजे जानवर चराने गंगा पार जा रहा था। बस्ती गांव के पास वह गंगा की धार पार करने लगा, तभी गंगा के बीच कुंड में फंस कर डूब गया। साथी बच्चों ने इसकी जानकारी रोहित के परिजनाें को दी।
इस पर ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाला। घर लाकर परिजन उसके अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इस बीच रोहित के शव पर नीली धारियों के निशान देखकर इन्हें हत्या किए जाने का संदेह हुआ। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार रोक दिया गया।
गुरुवार की सुबह परिजन शव को ट्र्रैक्टर में रखकर कोतवाली पहुंचे। संतोष ने गांव के छह लोगों पर पुरानी रंजिश के चलते बेटे की हत्या करने का आरोप लगाते हुए एसएसआई हरिश्चंद्र को तहरीर दी। एसएसआई ने गांव के प्रधान व अन्य संभ्रांत लोगों से मामले जानकारी की।
संतोष के चचेरे सालेे विजय ने शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की। इस पर एसएसआई ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएसआई ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु के सही कारणों की जानकारी हो जाएगी।