मां को मुखाग्नि देती ललिता बाजपेई।
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बेटा बेटी एक समान का नारा पांचाल घाट शमशानघाट में एक बार फिर सही साबित हुआ। जब एक बेटी ने बेटे का फर्ज पूरा करते हुए सभी संस्कार करने के बाद अपनी मां को मुखाग्नि दी।
फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली की रहने वाली मुन्नी देवी मिश्रा का रविवार को निधन हो गया। मुन्नी देवी मिश्रा के कोई बेटा नहीं था। अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट पांचाल घाट ले जाया गया।
मुन्नी देवी की बेटी ललिता बाजपेई पत्नी रजनेश ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। बेटी ने मां को गंगा स्नान कराया और कोपीन लगाकर शव की परिक्रमा कर मुखाग्नि दी। इस अवसर पर ललिता ने कहा कि जब बेटा-बेटी एक समान हैं तो मां-बाप के अंतिम संस्कार करने के लिए बेटा ही क्यों अधिकृत बताया जाता है।
उसने कहा कि वह अपनी मां का खुद अंतिम संस्कार कर रही है और जितने संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार होते हैं उन सबका पालन करते हुए वह तेरहवीं संस्कार भी अपने द्वारा ही संपन्न कराएगी