अमृतपुर। विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के गांव बिरसिंहपुर में 16 लाख से बनी पुलिया तीन माह में जर्जर हो गई। इससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
अब खामियों पर पर्दा डालने के लिए पुलिया की दीवारों की दरारें भरवाई जा रही हैं। पुलिया का दोबारा निर्माण न हुआ तो कभी भी हादसा हो सकता है।
रामगंगा के नाले को पार कर खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए जिला पंचायत ने पुलिया का निर्माण कराया गया। इसके निर्माण पर 16 लाख 89 हजार रुपये खर्च किए गए। निर्माण पूरा होने के बाद जुलाई में पुलिया का लोकार्पण किया गया।
पुलिया निर्माण के तीन माह ही बीते और गुणवत्ता की पोल खुल गई। दोनों ओर दीवारों में दरारें आने से पुलिया धंसी दिख रही है। निर्माण के दौरान ही ग्रामीणों ने ठेकेदार से गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन उस पर कोई सुनवाई न कर मनमाने तरीके से निर्माण पूरा करा दिया गया। इसके चलते तीन माह में ही पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई।
इसकी जानकारी मिलते ही जिला पंचायत के अधिकारी सक्रिय हुए और पुलिया के टूटे हिस्से पर पर्दा डालने के लिए लीपापोती कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का दोबारा निर्माण न हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खेतों से अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लाने के दौरान, बारिश व बाढ़ के दौरान पुलिया गिरना तय है।
गांव के रणजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेन्द्र सिंह, सुनीत कुमार आदि ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराकर कार्रवाई करने और पुलिया का दोबारा नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि पुलिया निर्माण के दौरान ही रोक के बावजूद भारी वाहन निकलने से दिक्कत आई है। ठेकेदार से पुलिया का दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।