रेलवे स्टेशन पर मालगोदाम निर्माण में हर स्तर पर खेल चल रहा है। खुदाई में निकली सैकड़ों ट्राली मिट्टी, गिट्टी और ईंटों को जिम्मेदारों ने मोटी रकम में बेच दिया। एक अफसर की शिकायत पर आरपीएफ ने सोमवार सुबह मिट्टी भरकर जा रही दो ट्रैक्टर-ट्रालियां कब्जे में ले लीं। ठेकेदार और ट्रैक्टर मालिक मामले को रफादफा करने में लगे रहे। आरपीएफ मामले की जांच कर रही है।
रेलवे स्टेशन पर मालगोदाम का करीब 800 मीटर लंबा प्लेटफार्म पूरी तरह से नया बनाया जा रहा है। इसमें पुरानी ईंटों, मलबा और मिट्टी निकाली जा रही है। प्लेटफार्म निर्माण में लगा जिम्मेदार इसमें निकल रहे सैकड़ों ट्राली मिट्टी, गिट्टी और पुरानी ईंटों को प्लेटफार्म से जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों से भरकर ले जा रहा है।
बताया गया कि ये सब ठेकेदार ने लाखों में बेचा है। आधा प्लेटफार्म पहले ही बन चुका है। इसमें लाखों रुपये का खेल किया जा चुका है। मिट्टी ले जाने का काम रात में किया जाता है। करीब 15 दिन पहले रेलवे के ही इंजीनियरिंग विभाग के एक अफसर ने इसका विरोध किया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
खेल करने वाले ने बड़े अधिकारी से सेटिंग करके मिट्टी ले जाना जारी रखा। इस पर अफसर ने विभाग के बड़े अफसरों और आरपीएफ को भी एक पत्र दे दिया है। इसमें अवैध तरीके से मिट्टी ले जाने की बात कही गई थी। आरपीएफ ने भी जिम्मेदारों को हिदायत दी थी, मगर वह नहीं माने।
सोमवार सुबह सात बजे जब आरपीएफ इंस्पेक्टर जेके सिंह ने फोर्स के साथ पहुंचकर मिट्टी ले जा रही दो ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़वा लिया। आरपीएफ ने अपनी बैरक में दोनों को खड़ा करवा दिया। इस कार्रवाई के बाद ठेकेदार और ट्रैक्टर मालिकों में हड़कंप मच गया।
ठेकेदार ने आरपीएफ से सिफारिशें लगवानी शुरू कर दी हैं। उधर, सहायक मंडल रेल प्रबंधक, फतेहगढ़ (एडीईएन) अश्वनी कुमार तिवारी से फोन बात की गई, तो उन्होंने पूरी बात सुनी और फिर फोन काट दिया। दोबारा रिसीव ही नहीं किया।
ढिलावल के पास लगता है मिट्टी का ढेर
रेलवे की मिट्टी को ढिलावल के पास एक अहाते में अंदर और बाहर ढेर लगाया जा रहा है। यहीं से बिक्री की जाती है। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्राली मिट्टी सीधे भराव में भी डलवा दी जाती है।
आईटीआई चौकी पुलिस की सेटिंग
रेलवे की संपत्ति को सिर्फ परिसर में ही रखा जा सकता है। बावजूद इसके आईटीआई चौकी पुलिस से से टिंग करके रेलवे की आड़ में रात-दिन मिट्टी भराव में भेजी जा रही है।
‘मिट्टी ले जाने की सूचना मिली थी। दो ट्रैक्टर-ट्राली कब्जे में ले लिए हैं। अब जांच कराई जा रही है। यह कांट्रेक्ट में शामिल है अथवा गलत तरीके से ले जाया जा रहा था। उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।’-जेके सिंह, इंस्पेक्टर, आरपीएफ।
‘हां मैंने उच्चाधिकारियों को लिखित में शिकायत की है। चोरी करके यदि मिट्टी ले जा रहे हैं, तो खुद ही भुगतेंगे। यह मिट्टी बाहर नहीं ले जाई जा सकती। आरपीएफ अपना काम करेगी।’
-मोहम्मद जाकिर, सेक्शन इंजीनियर कार्य, फतेहगढ़